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पंजाब विधान सभा में उठा पल्लेदारों को मुद्दा:बोले- "पहली बार विधानसभा में सुनी गई हमारी आवाज" विधायक बुद्धराम ने ठेकेदारी सिस्टम खत्म करने की मांग की
पंजाब विधानसभा के मानसून सत्र के दौरान बुढलाडा के विधायक प्रिंसिपल बुद्धराम ने पल्लेदार मजदूरों के हितों का मुद्दा जोर-शोर से उठाया है। विधानसभा में अपनी समस्याओं को प्रमुखता से स्थान मिलने पर विभिन्न स्टेशनों से आए पल्लेदार मजदूरों में खुशी की लहर है। मजदूरों ने विधायक से मुलाकात कर उनका आभार व्यक्त किया। पल्लेदार यूनियन के प्रतिनिधियों ने कहा कि यह ऐतिहासिक है कि दशकों से दबी हुई उनकी आवाज पहली बार पंजाब विधानसभा के भीतर गूंजी है। मानसा, बुढलाडा, सरदूलगढ़, भीखी और बरेटा सहित विभिन्न अनाज मंडियों और स्टेशनों से आए पल्लेदारों का कहना है कि वे लंबे समय से ठेकेदारी प्रथा के दंश को झेल रहे हैं और अपने हक की लड़ाई लड़ रहे हैं, लेकिन अब तक उन्हें केवल आश्वासन ही मिले थे।
ठेकेदारी प्रथा से हो रहा शोषण: प्रिंसिपल बुद्धराम विधायक प्रिंसिपल बुद्धराम ने सदन में स्पष्ट किया कि पल्लेदार समाज का वह मेहनतकश वर्ग है जो अनाज मंडियों और एफसीआई केंद्रों में रीढ़ की हड्डी की तरह काम करता है, लेकिन ठेकेदारी व्यवस्था के कारण इनका लगातार शोषण हो रहा है। विधायक प्रिंसिपल बुद्धराम ने कहा कि ठेकेदारों के माध्यम से भुगतान होने के कारण मजदूरों को उनकी मेहनत का पूरा मेहनताना नहीं मिल पाता। पिछली सरकारों ने केवल वादे किए, लेकिन समस्या का समाधान नहीं निकाला। मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार इस व्यवस्था को जड़ से खत्म करने के लिए पूरी तरह गंभीर है सरकार का सकारात्मक आश्वासन विधायक ने जानकारी दी कि सरकार पल्लेदारों को ठेकेदारों के चंगुल से मुक्त कराने के लिए नई व्यवस्था पर विचार कर रही है। आने वाले समय में ऐसी नीति बनाने का प्रयास किया जाएगा जिससे पल्लेदारों को सीधे काम मिले और भुगतान की प्रक्रिया भी पारदर्शी हो, ताकि बिचौलियों की भूमिका समाप्त हो सके। मजदूरों में जगी उम्मीद विधायक से मुलाकात के दौरान पल्लेदारों ने उम्मीद जताई है कि अब उनकी मांगों का हल निकलेगा। उन्होंने कहा कि जिस तरह से विधायक ने सदन में उनकी पैरवी की है, उससे उन्हें विश्वास है कि पंजाब सरकार जल्द ही ठेकेदारी प्रथा को समाप्त कर उन्हें उनका हक दिलाएगी।