Thursday, 29 October 2026
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पुलिस के सिस्टम में सेंध:एफआईआर से लेकर कोर्ट के साक्ष्य तक खतरे में

INT News29 October 2026 at 05:38 am

पुलिस के सुरक्षित माने जाने वाले नेटवर्क में साइबर सेंधमारी का मामला सामने आया है। राजधानी के अयोध्या नगर थाने के एक कंप्यूटर पर रेंसमवेयर अटैक हुआ, जिससे पूरा सिस्टम लॉक हो गया। प्रदेश में किसी पुलिस थाने के सिस्टम पर इस तरह के रेंसमवेयर हमले का यह पहला मामला है। यह घटना ऐसे समय में हुई, जब पुलिस अपराधों की विवेचना, साक्ष्य संकलन, समन-वारंट की तामीली, केस डायरी तैयार करने और कोर्ट से जुड़ी प्रक्रियाओं का संचालन ऑनलाइन कर रही है। प्रभावित कंप्यूटर सीसीटीएनएस के मुख्य सर्वर से जुड़ा क्लाइंट सिस्टम था। कंप्यूटर की स्क्रीन पर डेटा इन्क्रिप्ट यानी लॉक होने का मैसेज आते ही हड़कंप मच गया। हालांकि, सर्वर का डेटा सुरक्षित है, लेकिन कंप्यूटर की हार्ड डिस्क में मौजूद डेटा और फाइलें इन्क्रिप्ट हो चुकी हैं। दूसरे सिस्टम्स पर अब भी मंडरा रहा खतरा: साइबर विशेषज्ञों के अनुसार, यह मैलवेयर एक क्लाइंट सिस्टम से दूसरे क्लाइंट सिस्टम में लेटरल मूवमेंट कर सकता है। ऐसे में थाने के लोकल एरिया नेटवर्क से जुड़े अन्य कंप्यूटर्स में इसके छिपे होने का खतरा अब भी बना हुआ है। तत्काल आइसोलेट किया, इसलिए असर कम : एसीपी एसीपी मनोज शाह ने बताया कि करीब 4 दिन पहले सीसीटीएनएस के क्लाइंट सिस्टम पर रेंसमवेयर अटैक हुआ था। घटना की सूचना मिलते ही एससीआरबी की तकनीकी टीम सक्रिय हुई और संबंधित सिस्टम को फौरन मुख्य सर्वर से अलग कर दिया। वायरस मुख्य डेटाबेस तक नहीं पहुंच सका और न ही थाने की रूटीन वर्किंग रुकी है। एफआईआर और रिकॉर्ड से जुड़े काम सामान्य रूप से जारी हैं। फिरौती की मांग पूरी नहीं, लेकिन अटैक हुआ: साइबर जानकारों का कहना है कि फिरौती की मांग अधूरी रही, लेकिन अटैक पूरी तरह कामयाब रहा है। रिकवरी न के बराबर: रेंसमवेयर हमलों में डेटा रिट्रीवल रेट शून्य होता है। उस सिस्टम की लोकल हार्ड डिस्क में यदि किसी विवेचना, गवाहों के बयान या गोपनीय जांच से जुड़ी फाइलें सेव थीं तो उन्हें बिना डिस्क्रिप्शन की के हासिल करना मुश्किल है। जांच में अड़चन... नेटवर्क कटने से हमलावर का सर्वर से संपर्क टूट गया। इससे स्क्रीन पर दिखने वाला फिरौती संदेश (रेंसम नोट), बिटकॉइन वॉलेट का पता और हमलावर के डिजिटल फुटप्रिंट्स रिकॉर्ड नहीं हो सके। तकनीकी विवेचना जारी है:

इस संबंध में एमपी-सर्ट को सूचना मिली है। पुलिस से जो भी डेटा मिले हैं, उसके आधार पर टीम फॉरेंसिक जांच कर रही है।- वैभव श्रीवास्तव, ज्वाइंट डायरेक्टर, एमपी-सर्ट