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जमीन दी, रोजगार नहीं मिला तो टावर पर चढ़ा विस्थापित युवक, CCL प्रबंधन पर उठे सवाल

केरेडारी: सीसीएल की चंद्रगुप्त ओपन कास्ट प्रोजेक्ट (ओसीपी) कोल परियोजना में स्थानीय युवाओं और विस्थापितों के रोजगार का विवाद बुधवार को उस वक्त गहरा गया, जब एक युवक आत्महत्या की मंशा से कंपनी परिसर स्थित ऊंचे टावर पर चढ़ गया. घटना के बाद परियोजना क्षेत्र में हड़कंप मच गया और मौके पर लोगों की भारी भीड़ जुट गयी.
जीएम पर वादे से मुकरने का आरोप
जानकारी के अनुसार, विस्थापित क्षेत्र पचड़ा गांव निवासी राहुल कुमार रोजगार को लेकर कंपनी के रुख से आहत था. युवक का आरोप है कि सुशी इन्फ्रा माइनिंग प्राइवेट लिमिटेड के जीएम (जनरल मैनेजर) आरएस यादव ने पूर्व में उससे जो वादा किया था, उसे पूरा नहीं किया. बार-बार गुहार लगाने के बाद भी जब कोई सुनवाई नहीं हुई, तो क्षुब्ध होकर वह कंपनी के साइट कार्यालय परिसर में लगे टावर पर चढ़ गया.
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सीसीएल प्रबंधन ने एमडीओ का मामला बताकर झाड़ा पल्ला
घटना के बाद जब पूरे मामले पर सीसीएल प्रबंधन का पक्ष जानने की कोशिश की गयी, तो अधिकारियों ने इसे एमडीओ (माइन डेवलपर कम ऑपरेटर) से जुड़ा मामला बताया. प्रबंधन का कहना है कि इसका समाधान एमडीओ प्रबंधन को ही करना है. सीसीएल के इस रुख के बाद स्थानीय ग्रामीणों में आक्रोश बढ़ गया. ग्रामीणों का कहना है कि मुख्य निगरानी एजेंसी होने के नाते सीसीएल अपनी जवाबदेही से बच नहीं सकती.
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विस्थापितों के रोजगार पर उठे सवाल
इस घटना ने कोयला खनन परियोजनाओं में स्थानीय विस्थापितों के भविष्य और रोजगार नीतियों पर सवाल खड़े कर दिये हैं. ग्रामीणों का कहना है कि एक ओर परियोजना से लगातार कोयला उत्पादन बढ़ाया जा रहा है, वहीं दूसरी ओर जमीन देने वाले मूल विस्थापित रोजगार संबंधी वादों को पूरा कराने के लिए भटकने को मजबूर हैं.
मौके पर तनाव को देखते हुए स्थानीय प्रशासन और पुलिस को सूचना दी गयी. फिलहाल प्राथमिकता युवक से बातचीत कर उसे सुरक्षित नीचे उतारने की है, ताकि किसी बड़ी अनहोनी को टाला जा सके. स्थानीय लोगों ने मामले की निष्पक्ष जांच और जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग की है.