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बालाघाट में सुदर्शन डुमार समाज ने वाल्मिकी जयंती मनाई:आंबेडकर भवन में पूजा-अर्चना कर नमन किया, लोगों ने गुरु के जीवन पर प्रकाश डाला
बालाघाट में सुदर्शन डुमार समाज ने सोमवार को महर्षि संत वाल्मीकि जयंती मनाई। यह कार्यक्रम आंबेडकर भवन में हुआ। समाज के लोगों ने डॉ. बाबा साहब आंबेडकर और महर्षि वाल्मीकि की प्रतिमा पर फूल चढ़ाकर उन्हें नमन किया।
मध्य प्रदेश सुदर्शन डुमार समाज के पदाधिकारियों और सदस्यों ने संत वाल्मीकि की प्रतिमा पर विशेष पूजा-अर्चना की। उन्होंने प्रतिमा के सामने दीप भी जलाए। वाल्मीकि जी ने अपनी साधना से ज्ञान पाया
कार्यक्रम में समाज के लोगों ने महर्षि वाल्मीकि के जीवन पर बात की। उन्होंने बताया कि वाल्मीकि जी ने अपनी साधना से ज्ञान पाया और मानव कल्याण के लिए रामायण जैसे महाकाव्य की रचना की।
इस दौरान समाज की एकता और भाईचारे का संदेश दिया गया। सभी ने सामाजिक कामों में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेने और महर्षि वाल्मीकि के बताए रास्ते पर चलने का संकल्प लिया।