समाचार · मध्य प्रदेश
ठेले हटाने पर कांग्रेस-पुलिस आमने-सामने, पार्षद पर FIR:हर कांग्रेस अध्यक्ष बोले- गरीबों की आवाज उठाने पर जनप्रतिनिधि पर कार्रवाई
इंदौर में अवैध ठेले हटाने की कार्रवाई को लेकर नगर निगम और कांग्रेस के बीच विवाद गहरा गया है। पालदा क्षेत्र में नगर निगम की रिमूवल टीम के काम में बाधा डालने के आरोप में वार्ड 75 के कांग्रेस पार्षद कुणाल सोलंकी के खिलाफ भंवरकुआं पुलिस ने एफआईआर दर्ज की है। इसके विरोध में शहर कांग्रेस अध्यक्ष चिंटू चौकसे ने गांधी भवन में प्रेस वार्ता कर कार्रवाई पर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि गरीबों और छोटे कारोबारियों की आवाज उठाने वाले जनप्रतिनिधि के खिलाफ दबाव में एफआईआर दर्ज की गई है। कांग्रेस नेता इस मामले में पुलिस अधिकारियों से मुलाकात कर विरोध दर्ज कराएंगे। चौकसे ने कहा कि शहर में भ्रष्टाचार, बदहाल सड़कें, जलभराव, गंदे पानी और नगर निगम की बिगड़ती वित्तीय स्थिति जैसे मुद्दों पर ध्यान देने के बजाय गरीबों और छोटे कारोबारियों को परेशान किया जा रहा है। नगर निगम एक ओर हॉकर जोन बनाने की बात करता है, वहीं दूसरी ओर ठेले लगाकर परिवार चलाने वालों के लिए पर्याप्त व्यवस्था नहीं है। ठेले हटाने पहुंची टीम, पार्षद ने रोकी गाड़ी पार्षद कुणाल सोलंकी के मुताबिक, 24 अक्टूबर को दीपावली से पहले पालदा क्षेत्र की अंदरूनी गलियों में सब्जी और अन्य सामान बेचने वाले ठेले वालों के खिलाफ नगर निगम की रिमूवल टीम ने कार्रवाई शुरू की थी। उन्होंने आरोप लगाया कि पहले ठेले वालों का सामान फेंका गया और फिर ठेलों को निगम की गाड़ियों में भरने की कोशिश की गई। मौके पर पहुंचकर उन्होंने कर्मचारियों से कार्रवाई रोकने को कहा। सोलंकी के अनुसार, उन्होंने नगर निगम की गाड़ी रोकी थी। उन्हें बताया गया है कि सरकारी काम में बाधा डालने सहित अन्य आरोपों में मामला दर्ज किया गया है। उन्होंने कहा कि एफआईआर में लगाए गए सभी आरोपों और धाराओं की उन्हें अभी पूरी जानकारी नहीं है। गरीबों के साथ अन्याय हुआ तो सड़क पर उतरेगी कांग्रेस चिंटू चौकसे ने कहा कि कांग्रेस गरीबों और छोटे कारोबारियों के साथ खड़ी है। नगर निगम जब भी गरीबों पर जुल्म करेगी, पार्टी उनकी आवाज उठाएगी। उन्होंने आरोप लगाया कि नगर निगम कमिश्नर के दबाव में पार्षद के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। कांग्रेस इस कार्रवाई के विरोध में पुलिस कमिश्नर और डीसीपी से मुलाकात करेगी। इसके लिए अधिकारियों से समय मांगा जा रहा है। रिमूवल टीम पर वसूली के आरोप, जांच की मांग प्रेस वार्ता में नगर निगम की रिमूवल टीम के कर्मचारियों पर अवैध वसूली के आरोप भी लगाए गए। चौकसे ने कहा कि छोटे रेहड़ी-पटरी कारोबारियों को परेशान किए जाने की शिकायतें मिल रही हैं। उन्होंने कर्मचारियों की भूमिका की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की। उनका कहना है कि जहां भी भ्रष्टाचार, अवैध वसूली या गरीबों के साथ दुर्व्यवहार की शिकायत मिले, वहां जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए।