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UP Gardening Tips: हरा-भरा है गुलबहार का पौधा, फिर भी नहीं आ रहे फूल? यूपी में ठंड बढ़ने से पहले सुधार लें ये 5 गलतियां

UP Gardening Tips: उत्तर प्रदेश में मौसम बदलने के साथ घरों की बालकनी और छतों पर सर्दियों के फूल लगाने की तैयारी शुरू हो गई है. कई लोग अपने घरों को खूबसूरत बनाने के लिए गुलबहार के पौधे लगाते हैं. लेकिन कई बार पौधा हरा-भरा होने के बावजूद उसमें एक भी फूल नहीं खिलता. अगर आपके घर में भी ऐसा हो रहा है, तो इसकी वजह पौधे को पर्याप्त धूप नहीं मिलना, जरूरत से ज्यादा पानी देना या खाद का गलत इस्तेमाल हो सकता है. ऐसे में कुछ आसान बातों का ध्यान रखकर पौधे को फूल देने के लिए अनुकूल माहौल बनाया जा सकता है.
धूप की कमी से नहीं खिल पाते फूल
गुलबहार के नाम से बिकने वाले कई फूलदार पौधों को अच्छी धूप की जरूरत होती है. अगर आपने गमला ऐसी जगह रखा है, जहां दिनभर छाया रहती है, तो पौधे में पत्तियां तो बढ़ सकती हैं, लेकिन फूल कम आ सकते हैं. उत्तर प्रदेश में सर्दियों के दौरान दिन छोटे होने लगते हैं. ऐसे में बालकनी या छत पर गमला रखते समय ध्यान दें कि पौधे को उसकी किस्म के अनुसार पर्याप्त धूप मिले. हालांकि, हर प्रजाति को एक जैसी धूप की जरूरत नहीं होती.
ज्यादा पानी देने से खराब हो सकती हैं जड़ें
मौसम ठंडा होने पर गमले की मिट्टी गर्मियों के मुकाबले धीरे सूख सकती है. ऐसे में बिना जांचे रोज पानी देना पौधे के लिए नुकसानदायक हो सकता है. पानी देने से पहले मिट्टी की ऊपरी परत को छूकर देखें. अगर मिट्टी में पर्याप्त नमी है, तो पानी देने की जरूरत नहीं है. गमले के नीचे पानी निकलने के लिए छेद होना भी जरूरी है, ताकि जड़ों के आसपास पानी जमा न हो.
गलत खाद से बढ़ सकती हैं सिर्फ पत्तियां
कई बार पौधे में नई पत्तियां लगातार निकलती रहती हैं, लेकिन फूल नहीं आते. इसकी एक वजह पोषक तत्वों का असंतुलन हो सकता है. जरूरत से ज्यादा नाइट्रोजन वाली खाद देने पर कुछ फूलदार पौधों में पत्तियों की बढ़त ज्यादा हो सकती है. इसलिए खाद का इस्तेमाल पौधे की जरूरत के अनुसार करें. अच्छी तरह सड़ी गोबर की खाद या वर्मी कंपोस्ट सीमित मात्रा में दी जा सकती है.
मुरझाए फूल और सूखी टहनियां हटाएं
अगर पौधे में पहले फूल आए थे, लेकिन अब नए फूल नहीं खिल रहे, तो पुराने और मुरझाए फूलों को हटाना फायदेमंद हो सकता है. कई फूलदार पौधों में सूखे फूल हटाने से नए फूल आने में मदद मिलती है. साथ ही सूखी पत्तियों और खराब टहनियों को भी साफ करते रहें. हालांकि, जरूरत से ज्यादा छंटाई करने से बचें.
गमला छोटा होने से भी रुक सकती है बढ़त
अगर पौधा लंबे समय से एक ही गमले में लगा है, तो संभव है कि उसकी जड़ों को फैलने के लिए पर्याप्त जगह न मिल रही हो. गमले के नीचे से जड़ें बाहर निकल रही हों या पानी डालते ही तेजी से निकल जाता हो, तो जड़ों की स्थिति जांचें. जरूरत पड़ने पर पौधे को थोड़ा बड़े गमले में लगाया जा सकता है. नई मिट्टी में जल निकासी की अच्छी व्यवस्था होनी चाहिए.
यूपी में बदलते मौसम के दौरान कैसे करें देखभाल?
लखनऊ, कानपुर, प्रयागराज, वाराणसी और नोएडा समेत उत्तर प्रदेश के कई शहरों में अक्टूबर के आखिर से मौसम में बदलाव महसूस होने लगता है. ऐसे में गमले में लगे पौधों की देखभाल भी मौसम के अनुसार बदलनी चाहिए. धूप की उपलब्धता, मिट्टी की नमी और पौधे की स्थिति देखकर ही पानी और खाद दें. सिर्फ ज्यादा खाद डालने से फूल आने की गारंटी नहीं होती. पौधे की सही किस्म और मौसम के अनुसार देखभाल करने से बेहतर परिणाम मिल सकते हैं.
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