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रिश्वतखोर एस्टेट ऑफिसर, रेंट क्लर्क व चपरासी गिरफ्तार:3 लाख की रिश्वत लेते पकड़े; वक्फ बोर्ड में लीज से जुड़ी फाइलों के नाम पर मांगी
सोनीपत में एंटी करप्शन ब्यूरो की टीम ने वक्फ बोर्ड कार्यालय में कार्रवाई करते हुए एस्टेट ऑफिसर मोहम्मद सलीम, रेंट क्लर्क मोहम्मद ताहिर और निजी तौर पर चपरासी का काम करने वाले सलीम को 3 लाख रुपए की रिश्वत लेते हुए रंगेहाथ गिरफ्तार किया है। गोहाना में दुकानों के प्लॉट की लीज से जुड़ी फाइलों और रसीद जारी करने के मामले में रिश्वत मांगने की शिकायत मिलने के बाद ब्यूरो ने यह कार्रवाई की। मामले में 28 अक्टूबर 2026 को भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत केस दर्ज किया गया है। गोहाना में दुकानों के प्लॉट की लीज के लिए किया था आवेदन शिकायतकर्ता सतीश पुत्र धूप सिंह निवासी गली नंबर-1, किशन कॉलोनी, गोहाना, जिला सोनीपत ने राज्य सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो को शिकायत दी थी। शिकायत के अनुसार, पिछले वर्ष सतीश और उसके तीन सहयोगियों भरत सिंह, कमलेश और सुभाष ने गोहाना में दुकानों के प्लॉट की लीज के लिए हरियाणा वक्फ बोर्ड में आवेदन किया था। आवेदन की प्रक्रिया के दौरान उनसे अग्रिम राशि और अन्य भुगतान के नाम पर करीब 3 लाख रुपए लिए जाने की बात शिकायत में कही गई है। 3 लाख रुपए के भुगतान की रसीद नहीं मिलने का आरोप शिकायतकर्ता के अनुसार, आवेदन प्रक्रिया के दौरान 1 लाख रुपये अग्रिम और 2 लाख 2 हजार रुपए अन्य भुगतान के नाम पर लिए गए थे। शिकायत में बताया गया कि इन भुगतानों के बावजूद उन्हें कोई रसीद जारी नहीं की गई। इसके बाद मामले में संबंधित फाइलों और भुगतान की रसीदों को लेकर परेशानी बनी रही। एक महीने पहले फाइलें संशोधित होने की दी थी जानकारी शिकायत के अनुसार, करीब एक महीने पहले निजी तौर पर चपरासी का काम करने वाले सलीम ने शिकायतकर्ता को बताया कि उसकी और उसके सहयोगियों की फाइलें संशोधित कर दी गई हैं। उसने शिकायतकर्ता को 3 लाख रुपये लेकर सोनीपत स्थित वक्फ बोर्ड कार्यालय आने के लिए कहा। साथ ही बताया कि कार्यालय में तैनात एस्टेट ऑफिसर मोहम्मद सलीम रसीद जारी करेंगे और पट्टा अनुबंध से संबंधित हलफनामा भी दिया जाएगा। रसीद कितनी राशि की बनेगी, यह बताने से किया इनकार शिकायतकर्ता ने जब आरोपी सलीम से पूछा कि 3 लाख रुपए के बदले कितनी राशि की रसीद जारी की जाएगी, तो उसने राशि का खुलासा नहीं किया। शिकायत के मुताबिक, उसने बताया कि संबंधित फाइलें एस्टेट ऑफिसर के कार्यालय की अलमारी में रखी हैं और रसीदें एस्टेट ऑफिसर ही जारी करेंगे। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि इस पूरी प्रक्रिया में संबंधित कर्मचारी आपस में मिलीभगत कर रहे थे और वास्तविक भुगतान की तुलना में कम राशि की रसीदें जारी करने की बात थी। 28 अक्टूबर को केस दर्ज कर तैयार की गई रेड पार्टी शिकायत के आधार पर राज्य सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो, रोहतक में 28 अक्टूबर 2026 को मामला दर्ज किया गया। मामला भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 की धारा 7 के तहत दर्ज किया गया। इसके बाद निरीक्षक मोहिन्द्र सिंह, राज्य सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो, उपकेंद्र जींद के नेतृत्व में रेडिंग पार्टी तैयार की गई। तीनों आरोपियों को 3 लाख रुपए लेते हुए पकड़ा ब्यूरो की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार, कार्रवाई के दौरान वक्फ बोर्ड कार्यालय, सोनीपत में तैनात एस्टेट ऑफिसर मोहम्मद सलीम, रेंट क्लर्क मोहम्मद ताहिर और निजी व्यक्ति सलीम को 3 लाख रुपए की रिश्वत लेते हुए रंगेहाथ गिरफ्तार किया गया। गिरफ्तार आरोपियों में मोहम्मद सलीम निवासी सिविल लाइन कॉलोनी, थाना नूंह और मोहम्मद ताहिर निवासी पटौदी, जिला गुरुग्राम शामिल हैं। दोनों वक्फ बोर्ड कार्यालय, सोनीपत में ग्रुप-सी के कर्मचारी बताए गए हैं। तीसरा आरोपी सलीम निजी व्यक्ति है, जो कार्यालय में चपरासी के तौर पर काम कर रहा था। भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति : निदेशक राज्य सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो, हरियाणा के निदेशक डॉ. अर्शिन्दर सिंह चावला, आईपीएस ने कहा कि भ्रष्टाचार करने वाला कोई भी व्यक्ति बख्शा नहीं जाएगा। उसके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि ब्यूरो का भ्रष्टाचार के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा और इस मामले में भी जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाते हुए कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने बताया कि ब्यूरो के सभी अधिकारियों और कर्मचारियों को गंभीरता से काम करने के स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं, ताकि प्रदेश को भ्रष्टाचार मुक्त बनाया जा सके।