Tuesday, 11 August 2026
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NGT ने तालाबों पर अतिक्रमण पर जताई नाराजगी:अधिकारियों को 2 हफ्ते में कब्जा हटाने के निर्देश; 21 अगस्त को अगली सुनवाई

INT News11 August 2026 at 02:48 pm

टीकमगढ़ में शहर के जल निकायों पर अतिक्रमण और अनधिकृत निर्माण की शिकायत के मामले में राष्ट्रीय हरित अधिकरण (NGT) ने अधिकारियों के जवाब पर असंतोष जताया है। महेंद्र सागर, वृंदावन तालाब और सेल सागर में अतिक्रमण, निर्माण और पर्यावरणीय नियमों के उल्लंघन से जुड़ी शिकायत पर सुनवाई करते हुए अधिकरण ने संबंधित अधिकारियों को दो हफ्ते के भीतर कार्रवाई रिपोर्ट पेश करने के निर्देश दिए हैं। मामले की अगली सुनवाई 21 अगस्त 2026 को होगी। अतिक्रमण हटाकर रिपोर्ट देने के निर्देश भोपाल स्थित NGT की सेंट्रल जोन बेंच ने जल निकायों और सरकारी भूमि से अतिक्रमण हटाने, अनधिकृत निर्माण पर कार्रवाई करने तथा वेटलैंड और टाउन एंड कंट्री प्लानिंग नियमों के पालन को लेकर अधिकारियों को निर्देश दिए। न्यायमूर्ति शियो कुमार सिंह और विशेषज्ञ सदस्य सुधीर कुमार चतुर्वेदी की पीठ ने जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ की गई कार्रवाई का ब्योरा भी मांगा। यह निर्देश स्थानीय निवासी सोबरन यादव की ओर से दायर मूल आवेदन क्रमांक 54/2025 की सुनवाई के दौरान दिए गए। महेंद्र सागर से अतिक्रमण हटाने का दावा सुनवाई में नगर पालिका के सीएमओ ओमपाल सिंह भदोरिया ने अब तक की कार्रवाई की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि तहसीलदार और नगर पालिका की संयुक्त टीम ने महेंद्र सागर तालाब से अतिक्रमण हटाया है। यहां पौधारोपण कर ग्रीन जोन विकसित किया जा रहा है। सेल सागर तालाब में ठोस अपशिष्ट और गंदा पानी जाने से रोकने के लिए छह स्थानों पर जाली लगाने की जानकारी दी गई। वृंदावन तालाब में भी एक अतिक्रमण हटाने और नालों के पानी के उपचार के लिए ट्रीटमेंट प्लांट लगाने की योजना बताई गई। 500 से ज्यादा दस्तावेज, फिर भी जमीनी कार्रवाई पर सवाल नगर पालिका की ओर से कार्रवाई से संबंधित 500 से अधिक दस्तावेज प्रस्तुत किए गए। हालांकि, NGT ने कहा कि रिकॉर्ड में ऐसा प्रभावी हलफनामा नहीं है, जिससे यह स्पष्ट हो सके कि जमीन पर वास्तव में क्या कार्रवाई की गई है। अधिकरण ने यह भी सवाल उठाया कि अनधिकृत निर्माण और सार्वजनिक भूमि पर कब्जे को रोकने के लिए जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ अब तक क्या कार्रवाई की गई। STP नहीं होने और जल निकायों की सीमा पर भी सवाल रिपोर्ट के अनुसार, टीकमगढ़ शहर में सीवेज ट्रीटमेंट सिस्टम नहीं है। इसके चलते बिना उपचारित अपशिष्ट जल के जल निकायों में जाने की बात सामने आई है। रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि शहर के अधिकांश जल निकायों की राजस्व रिकॉर्ड के अनुसार सीमाएं पिलर या अन्य मार्कर से चिह्नित नहीं हैं। महेंद्र सागर झील की सीमा में अधूरे सौंदर्यीकरण कार्यों के साथ स्थायी प्रकृति के निर्माण पाए जाने की बात भी रिपोर्ट में दर्ज है। STP का प्रस्ताव भेजने की जानकारी दी सीएमओ ने अधिकरण को बताया कि अतिक्रमण हटाने के लिए नोटिस जारी किए गए हैं और जल गुणवत्ता में सुधार के लिए कदम उठाए जा रहे हैं। उन्होंने सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट के निर्माण का प्रस्ताव सक्षम प्राधिकारी को भेजे जाने की जानकारी भी दी। NGT ने स्पष्ट किया कि जल निकायों, वेटलैंड और सार्वजनिक भूमि से जुड़े पर्यावरणीय एवं नियोजन नियमों के उल्लंघन पर प्रभावी कार्रवाई जरूरी है। अधिकरण ने चेतावनी दी कि अगली सुनवाई तक स्थिति में बदलाव नहीं होने पर संबंधित अधिकारियों की जिम्मेदारी तय की जा सकती है।