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Cyclone Arnab Video: तेज हवाओं से उखड़े पेड़, अंधेरे में डूबे कई इलाके; आंध्र तट पर जारी है तूफान का लैंडफॉल

भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के मुताबिक, तूफान का केंद्र तट के बेहद करीब है. विभाग ने तट पार करने की प्रक्रिया के दौरान 125 से 135 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने और झोंकों की गति 150 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंचने का अनुमान जताया है. तूफान का असर काकीनाडा, विशाखापत्तनम, अनाकापल्ली और कोनसीमा सहित तटीय क्षेत्रों में देखा जा रहा है.
तटरेखा के बेहद करीब चक्रवाती तूफान का केंद्र, देखें वीडियो -
तेज तूफान के कारण उखड़े पेड़
तूफान के कारण पेड़ उखड़ने, बिजली की लाइनें टूटने और सड़कें जलमग्न होने से सामान्य गतिविधियां प्रभावित हुई हैं. एहतियात के तौर पर संवेदनशील क्षेत्रों में लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है. प्रशासन की प्राथमिकता निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को सुरक्षित रखना है.
चक्रवात के कारण उखड़े हुए पेड़ों का वीडियो-
ओडिशा में भी अलर्ट, 313 राहत टीमें तैनात
चक्रवात के प्रभाव को देखते हुए ओडिशा सरकार ने भी संवेदनशील जिलों में तैयारी तेज कर दी है. राज्य के राजस्व एवं आपदा प्रबंधन मंत्री सुरेश पुजारी ने बताया कि कंधमाल, कालाहांडी और नुआपाड़ा सहित आसपास के इलाकों में व्यवस्था की गई है. उन्होंने कहा कि मंत्रालय के सहयोगी और अलग-अलग जिलों में तैनात अधिकारी देर रात तक प्रभावित हो सकने वाले क्षेत्रों में मौजूद थे.
मंत्री के अनुसार, राहत और बचाव कार्यों के लिए कुल 313 टीमें तैनात की गई हैं. इनमें 60 ओडिशा डिजास्टर रैपिड एक्शन फोर्स (ODRAF), राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (NDRF) की 9 टीमें और अग्निशमन एवं आपातकालीन सेवाओं की 244 टीमें शामिल हैं.
उन्होंने बताया कि संभावित निकासी के लिए राज्य में 2,037 आश्रय स्थलों की व्यवस्था की गई है. इनमें स्थायी चक्रवात केंद्र और अस्थायी आश्रय स्थल शामिल हैं. प्रशासन का जोर प्रभावित लोगों को सुरक्षित जगहों पर पहुंचाने और आपात स्थिति में तुरंत सहायता उपलब्ध कराने पर है.
वीडियो में देखें सुरेश पुजारी ने क्या कहा-
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किन इलाकों में भारी बारिश और तेज हवाओं का खतरा?
IMD ने आंध्र प्रदेश के तटीय क्षेत्रों में भारी से अत्यधिक भारी बारिश और तेज हवाओं को लेकर चेतावनी जारी की है. निचले इलाकों में समुद्र का पानी घुसने और जलभराव का खतरा बना हुआ है. ओडिशा के दक्षिणी हिस्सों में भी भारी बारिश की आशंका जताई गई है.
चक्रवात के कारण रेल और विमान सेवाओं पर भी असर पड़ा है. कुछ ट्रेन सेवाएं रद्द की गई हैं और कुछ हवाई सेवाएं बाधित हुई हैं. लोगों को समुद्र तटों और जलभराव वाले इलाकों से दूर रहने तथा स्थानीय प्रशासन और मौसम विभाग के निर्देशों का पालन करने की सलाह दी गई है.