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कटनी पुलिस ने साइबर गिरोह का पर्दाफाश किया:UPI पिन बदलकर करते थे फ्रॉड, तीन गिरफ्तार
कटनी पुलिस ने एक बड़े अंतरराज्यीय साइबर धोखाधड़ी और मोबाइल चोरी गिरोह का भंडाफोड़ करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। यह गिरोह भीड़भाड़ वाले बाजारों से बिना स्क्रीन लॉक वाले मोबाइल फोन चुराता था और फिर यूपीआई (UPI) पिन बदलकर पीड़ितों के बैंक खातों से लाखों रुपए निकाल लेता था। पुलिस अधीक्षक अभिनय विश्वकर्मा ने सोमवार को इस मामले का खुलासा किया। उन्होंने बताया कि पीड़ित शंकरलाल महतो ने थाना बाकल में शिकायत दर्ज कराई थी कि उनका मोबाइल बाकल बाजार से गुम हो गया था। इसके बाद 29 जून, 30 जून और 1 जुलाई 2026 के दौरान उनके बचत खाते और केसीसी (KCC) खाते से कुल 2,10,000 रुपये की अवैध निकासी कर ली गई। मामले की गंभीरता को देखते हुए एसपी के निर्देश पर एक विशेष साइबर टीम का गठन किया गया। तकनीकी साक्ष्यों और सीडीआर (CDR) के विश्लेषण से पता चला कि इस गिरोह के तार मध्य प्रदेश के अन्य जिलों के साथ-साथ झारखंड और पश्चिम बंगाल से भी जुड़े हुए हैं। 15 अगस्त 2026 को पुलिस को सूचना मिली कि तीन संदिग्ध व्यक्ति झिंझरी क्षेत्र में किसी नई वारदात को अंजाम देने की फिराक में घूम रहे हैं। पुलिस टीम ने तुरंत घेराबंदी कर तीनों को हिरासत में लिया और बाकल थाने लाकर कड़ाई से पूछताछ की। इनको किया गिरफ्तार पूछताछ में गिरफ्तार आरोपियों ने शंकरलाल महतो का मोबाइल चोरी करने और उनके खाते से पैसे निकालने की बात स्वीकार की। आरोपियों की पहचान साहिबगंज, झारखंड निवासी तिवारी महतो (35 वर्ष), उज्जवल कुमार उर्फ डिस्को महतो (39 वर्ष) और रोनू महतो के रूप में हुई है। आरोपियों ने बताया कि वे पिछले एक साल से जबलपुर के दीनदयाल चौक के पास किराए का मकान लेकर रह रहे थे। वे बाकल, सिहोरा, कटनी और जबलपुर के स्थानीय बाजारों को निशाना बनाते थे। गिरोह ने अब तक 14 मोबाइल फोन चोरी करने की बात कबूल की है। उन्होंने मध्य प्रदेश के सिहोरा, गढ़ा, लॉर्डगंज, बहोरीबंद, बाकल के अलावा उत्तर प्रदेश के गोरखपुर में भी चोरी की वारदातें की हैं। आरोपियों ने पूछताछ में गिरोह के चौथे सदस्य करीम शेख उर्फ साजन निवासी मालदा, पश्चिम बंगाल के नाम का भी खुलासा किया। गिरोह का काम करने का तरीका बेहद शातिर था
आरोपी बाजारों से ऐसे मोबाइल चुराते थे जिनमें स्क्रीन लॉक नहीं होता था या जिन्हें आसानी से अनलॉक किया जा सकता था।
चोरी किए गए मोबाइल में सिम चालू रखकर वित्तीय ऐप्स के जरिए नया यूपीआई पिन UPI PIN सेट करते थे।
इसके बाद पीड़ित के खाते की पूरी रकम दूसरे खातों में ट्रांसफर कर लेते थे।
पैसे निकालने के बाद वे चोरी का मोबाइल मालदा (पश्चिम बंगाल) में बैठे करीम शेख को भेज देते थे और ठगी की रकम आपस में बांट लेते थे।
पुलिस फिलहाल फरार आरोपी करीम शेख की तलाश में जुटी है और आरोपियों के पास से जब्त सामान और बैंक खातों की विस्तृत जांच की जा रही है।