Monday, 17 August 2026
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शाजापुर में श्रमिकों-आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं ने सौंपे ज्ञापन:मानदेय वृद्धि, सामाजिक सुरक्षा सहित प्रमुख मांगें रखीं

INT News17 August 2026 at 04:48 pm

शाजापुर में सोमवार दोपहर करीब 3 बजे विभिन्न श्रमिक संगठनों और आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं ने अपनी मांगों को लेकर कलेक्टर कार्यालय पहुंचकर ज्ञापन सौंपे। इस प्रदर्शन में भारतीय मजदूर संघ और आंगनवाड़ी कार्यकर्ता, सहायिका एवं मिनी कार्यकर्ता संघ के नेतृत्व में बड़ी संख्या में महिला-पुरुष शामिल हुए। भारतीय मजदूर संघ ने प्रधानमंत्री के नाम कलेक्टर को सौंपे ज्ञापन में श्रमिकों और कर्मचारियों की सामाजिक एवं आर्थिक सुरक्षा, वेतन सुधार तथा श्रम संहिताओं में संशोधन की मांग की। संघ ने कुल 8 प्रमुख मांगें रखीं। श्रमिकों ने रखी मांगें इन मांगों में श्रमिकों के लिए न्यूनतम वेतन 30 हजार रुपए प्रतिमाह निर्धारित करना, ईएसआईसी की वेतन सीमा 21 हजार से बढ़ाकर 42 हजार रुपए करना और सेवानिवृत्त कर्मचारियों की न्यूनतम ईपीएस पेंशन 7500 रुपए प्रतिमाह करना शामिल है। इसके अतिरिक्त, ईपीएफ अंशदान की अनिवार्य वेतन सीमा 15 हजार से बढ़ाकर 30 हजार रुपए करने, बोनस की गणना की सीमा बढ़ाने, बोनस पात्रता की वेतन सीमा 42 हजार रुपए करने तथा आंगनवाड़ी, आशा, एनएचएम सहित कई योजना कर्मचारियों के मानदेय में सम्मानजनक वृद्धि की मांग की गई। ठेका एवं आकस्मिक श्रमिकों के लिए समान कार्य के समान वेतन का सिद्धांत लागू करने और श्रम संहिताओं में श्रमिक हित में संशोधन की मांग भी ज्ञापन में शामिल थी। मुख्यमंत्री के नाम 10 सूत्रीय मांगपत्र सौंपा इसी क्रम में, आंगनवाड़ी कार्यकर्ता, सहायिका एवं मिनी कार्यकर्ता संघ ने मुख्यमंत्री के नाम 10 सूत्रीय मांगपत्र सौंपा। इसमें कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं को सरकारी कर्मचारी का दर्जा देने की प्रमुख मांग रखी गई। संघ ने कार्यकर्ताओं के लिए 30 हजार और सहायिकाओं के लिए 20 हजार रुपए प्रतिमाह मानदेय देने की मांग की। अन्य मांगों में महंगाई भत्ता, पेंशन, चिकित्सा एवं सामाजिक सुरक्षा सुविधाएं, सेवानिवृत्ति पर 10 लाख रुपए की एकमुश्त राशि, ईएसआईसी, ईपीएफ और ग्रेच्युटी लागू करना शामिल है। साथ ही, आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं से विभागीय कार्य के अलावा अन्य विभागों का काम नहीं कराने, सेवानिवृत्ति आयु 62 से बढ़ाकर 65 वर्ष करने, सरकारी अवकाश देने और वरिष्ठता के आधार पर पदोन्नति सहित प्री-प्राइमरी शिक्षिका का दर्जा देने की मांग की गई। संघ ने वर्ष 2019 में मानदेय कटौती की राशि भी दिए जाने की अपील की।