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'चुनिंदा चिंता, चुनिंदा ज्ञान! Diya Mirza और Naseeruddin Shah पर BJP का तंज, पूछा- बाकी त्योहारों पर क्यों साध लेते हैं चुप्पी?

पर्यावरण की चिंता अच्छी बात है, लेकिन क्या यह चिंता सिर्फ दिवाली के समय ही जागती है? भाजपा ने मंगलवार को बॉलीवुड अभिनेता नसीरुद्दीन शाह और अभिनेत्री दीया मिर्जा को लेकर कुछ ऐसा ही सवाल उठाया है. पार्टी ने दोनों पर पर्यावरण के मुद्दे पर चुनिंदा तरीके से बोलने का आरोप लगाया है. भाजपा प्रवक्ता गौरव भाटिया ने कहा कि कुछ लोग हिंदू त्योहारों के दौरान प्रदूषण को लेकर तो आवाज उठाते हैं, लेकिन दूसरे धर्मों के त्योहारों पर उनकी जुबान बंद रहती है.
भाजपा का यह बयान ऐसे समय आया है, जब बीएमसी के इको-फ्रेंडली दिवाली कैंपेन में दीया मिर्जा का वीडियो हटाए जाने को लेकर विवाद चल रहा है. इस मामले में बॉम्बे हाई कोर्ट ने भी नाराजगी जताई और वीडियो को दोबारा अपलोड करने का निर्देश दिया.
BJP ने पूछा- पर्यावरण की चिंता सिर्फ दिवाली पर ही क्यों?
भाजपा प्रवक्ता गौरव भाटिया ने मंगलवार को पार्टी मुख्यालय में मीडिया से बातचीत के दौरान नसीरुद्दीन शाह और दीया मिर्जा पर निशाना साधा. उन्होंने कहा कि पर्यावरण और प्रदूषण को लेकर जागरूकता फैलाना अच्छी बात है, लेकिन यह काम किसी एक त्योहार तक सीमित नहीं होना चाहिए.
भाटिया ने सवाल उठाया कि जब दिवाली पर पटाखों और प्रदूषण को लेकर बयान दिए जाते हैं, तब ईद और बकरीद जैसे त्योहारों के दौरान पर्यावरण से जुड़े मुद्दों पर भी वैसी ही आवाज क्यों नहीं उठाई जाती? उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ लोग चुनिंदा मुद्दों पर ही अपनी चिंता जाहिर करते हैं.
दीया मिर्जा के वीडियो पर क्यों हुआ विवाद?
दरअसल, बीएमसी ने इको-फ्रेंडली दिवाली मनाने के लिए दीया मिर्जा का एक जागरूकता वीडियो बनाया था. मुंबई भाजपा अध्यक्ष अमित साटम और मेयर ऋतु तावड़े की आपत्तियों के बाद बीएमसी ने यह वीडियो सोशल मीडिया से हटा दिया था. इसके बाद मामला बॉम्बे हाई कोर्ट पहुंचा.
हाई कोर्ट ने वीडियो हटाए जाने पर नाराजगी जताई और बीएमसी को इसे दोबारा अपलोड करने का निर्देश दिया. अदालत ने कहा कि पर्यावरण और प्रदूषण के प्रति जागरूकता फैलाने वाले वीडियो को राजनीतिक विवाद में घसीटना दुर्भाग्यपूर्ण है.
खास बात यह रही कि बीएमसी के अभियान में माधुरी दीक्षित, निशिगंधा वाड और क्रिकेटर अजिंक्य रहाणे के वीडियो भी थे, लेकिन वे सोशल मीडिया पर बने रहे.
बाकी कलाकारों के वीडियो मौजूद, फिर दीया मिर्जा पर ही विवाद क्यों?
इस पूरे विवाद में एक और बात चर्चा में रही. बीएमसी के दिवाली जागरूकता अभियान में सिर्फ दीया मिर्जा ही नहीं, बल्कि माधुरी दीक्षित, निशिगंधा वाड और क्रिकेटर अजिंक्य रहाणे भी नजर आए थे.
हालांकि, विवाद के बाद दीया मिर्जा का वीडियो हटा दिया गया, जबकि बाकी हस्तियों के वीडियो बीएमसी के सोशल मीडिया अकाउंट पर मौजूद रहे. इसी वजह से यह सवाल भी उठा कि अगर अभियान का मकसद पर्यावरण के प्रति जागरूकता फैलाना था, तो केवल एक कलाकार के वीडियो को लेकर इतना विवाद क्यों हुआ?
गौरव भाटिया ने इस मामले में कहा कि उन्होंने हाई कोर्ट का पूरा आदेश नहीं देखा है, इसलिए वह अदालत की टिप्पणी पर कोई प्रतिक्रिया नहीं देंगे. हालांकि, उन्होंने दोहराया कि पर्यावरण और प्रदूषण जैसे मुद्दों पर चिंता सभी त्योहारों और मौकों पर एक जैसी होनी चाहिए.
नसीरुद्दीन शाह पर भी निशाना
भाजपा ने नसीरुद्दीन शाह के हालिया वीडियो का भी जिक्र किया, शाह ने छात्र विरोध के समर्थन में जारी वीडियो में खुद को 'दिमागी नक्सल' बताया था. उनके इस बयान पर भी विवाद हुआ था.
फिलहाल, दीया मिर्जा के वीडियो से शुरू हुआ मामला अब राजनीतिक बयानबाजी तक पहुंच गया है. एक तरफ भाजपा दोनों कलाकारों पर चुनिंदा मुद्दों पर बोलने का आरोप लगा रही है, तो दूसरी तरफ हाई कोर्ट ने पर्यावरण जागरूकता अभियान को राजनीतिक रंग देने पर सवाल उठाए हैं.
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