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इस सीजन में सबसे पहले देखिए बहुती जलप्रपात का VIDEO:650 फीट की ऊंचाई से गिरती जलधारा, उमड़ने लगे पर्यटक
मऊगंज जिले का बहुती जलप्रपात जुलाई के पहले सप्ताह में हुई बारिश के बाद एक बार फिर जीवंत हो उठा है। पिछले दो दिनों में सेलार नदी का जलप्रवाह बढ़ने से करीब 650 फीट (198 मीटर) की ऊंचाई से गिरती सफेद जलधारा मनमोहक दृश्य प्रस्तुत कर रही है। मंगलवार शाम यहां पहुंचे पर्यटकों को झरने से गिरती पानी की सफेद चादर, चारों ओर फैली हरियाली और गर्जना के बीच उठती ठंडी फुहारों ने मंत्रमुग्ध कर दिया। बहुती जलप्रपात को मध्य प्रदेश का सबसे ऊंचा जलप्रपात माना जाता है। यह सेलार नदी पर स्थित है, जो तमसा (टोंस) नदी की सहायक नदी है। बारिश के मौसम में यहां का दृश्य विशेष रूप से आकर्षक होता है। पानी की धार जब ऊंचाई से नीचे कुंड में गिरती है, तो उसकी फुहारें सैकड़ों मीटर दूर तक महसूस की जा सकती हैं। यही कारण है कि जुलाई से नवंबर के बीच यहां बड़ी संख्या में पर्यटक पहुंचते हैं। प्राकृतिक सौंदर्य से भरपूर बहुती जलप्रपात ट्रेकिंग, फोटोग्राफी और प्रकृति प्रेमियों के लिए एक पसंदीदा पर्यटन स्थल है। यह राष्ट्रीय राजमार्ग-135 से सीधे जुड़ा हुआ है। रीवा निकटतम रेलवे स्टेशन और हवाई अड्डा है, जबकि प्रयागराज भी एक नजदीकी हवाई अड्डा है। जलप्रपात के आसपास 11वीं-12वीं शताब्दी के शैल चित्र भी मौजूद हैं, जो इस क्षेत्र के ऐतिहासिक महत्व को दर्शाते हैं। बारिश के साथ पर्यटकों की संख्या बढ़ने पर पुलिस प्रशासन ने भी सतर्कता बरतने की अपील की है। मऊगंज के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक शशिकांत सरयाम ने पर्यटकों से झरने के अधिक निकट न जाने या पहाड़ी के किनारे से नीचे झांकने का प्रयास न करने का आग्रह किया है। उन्होंने बताया कि बरसात में चट्टानों पर फिसलन बढ़ जाती है, जिससे दुर्घटना की आशंका रहती है। उन्होंने सभी से सुरक्षित दूरी बनाकर प्राकृतिक सौंदर्य का आनंद लेने की अपील की है। मानसून की शुरुआत के साथ ही बहुती जलप्रपात अपनी अनुपम छटा बिखेर रहा है। यह स्थल एक बार फिर मऊगंज जिले के प्रमुख पर्यटन आकर्षण के रूप में पर्यटकों का स्वागत कर रहा है।