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यमुनानगर में डेहा बस्ती में 130 कब्जाधारियों को नोटिस:सात दिन में जमीन खाली करने के निर्देश, पुलिस पर किया था पथराव
रादौर की डेहा बस्ती में नगरपालिका ने अपनी भूमि पर किए गए अवैध कब्जों के खिलाफ कार्रवाई का अगला चरण शुरू कर दिया है। मंगलवार को पुलिस बल की मौजूदगी में नगरपालिका की टीम ने बस्ती में पहुंचकर 130 कब्जाधारियों को सात दिन के भीतर जमीन खाली करने के नोटिस जारी किए। कई मकानों के बाहर नोटिस चस्पा किए गए, जबकि कुछ मकान बंद होने के कारण वहां भी नोटिस लगा दिए गए। कार्रवाई के दौरान कुछ महिलाओं ने विरोध जताया और कर्मचारियों से बहस भी हुई, लेकिन पुलिस ने स्थिति संभालते हुए अभियान शांतिपूर्वक पूरा कराया। पूरी कार्रवाई करीब चार घंटे तक चली। गौचरान और श्मशान घाट के लिए आरक्षित है भूमि अभियान ड्यूटी मजिस्ट्रेट आशु कांबोज की निगरानी में चलाया गया। नगरपालिका के भवन निरीक्षक आदित्य कांबोज के नेतृत्व में सफाई निरीक्षक सुमित बैंस, संजीव सैनी, अमित सैनी सहित अन्य कर्मचारियों ने बस्ती में घर-घर जाकर नोटिस दिए। कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए थाना रादौर प्रभारी इंस्पेक्टर राजेश राणा के नेतृत्व में पर्याप्त पुलिस बल तैनात रहा। भवन निरीक्षक आदित्य कांबोज ने बताया कि यह प्रारंभिक नोटिस है। कब्जाधारियों को सात दिन का समय दिया गया है। यदि इस अवधि में स्वयं कब्जा नहीं हटाया गया तो नियमानुसार दूसरा और तीसरा नोटिस जारी किया जाएगा। इसके बाद भी अतिक्रमण बरकरार रहने पर नगरपालिका अपने स्तर पर कार्रवाई कर अवैध कब्जे हटाएगी। नगरपालिका के अनुसार बस्ती में गौचरान और श्मशान घाट के लिए आरक्षित नगरपालिका भूमि पर लंबे समय से अवैध निर्माण किए गए हैं। इन्हें हटाने की प्रक्रिया नियमों के तहत आगे बढ़ाई जा रही है। पुलिस पर पथराव का आरोपी को छुडाया था डेहा बस्ती पिछले कुछ सप्ताह से लगातार सुर्खियों में बनी हुई है। गौरतलब है कि 16 जून को पुलिस एक नशा तस्कर को हिरासत में लेकर जा रही थी, तभी कुछ लोगों ने उसे छुड़ाने का प्रयास किया। इस दौरान पुलिस पर पथराव हुआ, सरकारी वाहन को नुकसान पहुंचाया गया और पुलिसकर्मियों के साथ मारपीट की गई। इसके बाद आरोपी को छुड़ा ले गए। इस मामले में पुलिस ने कई लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया था और अब तक एक महिला समेत तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। इसके बाद 20 जून को नगरपालिका ने बुलडोजर चलाकर बस्ती में नगरपालिका भूमि पर बने 100 से अधिक अस्थायी कब्जों को हटाया था। अब नोटिस जारी होने के बाद बस्ती में आगे की कार्रवाई को लेकर हलचल तेज हो गई है।