समाचार · पंजाब
जालंधर में ब्लाइंड मर्डर की गुत्थी सुलझी:किसान के खेत में मिला था शव; पुलिस ने मुख्य आरोपी किया अरेस्ट
जालंधर देहात की आदमपुर पुलिस ने एक बड़ी कामयाबी हासिल करते हुए गांव मानको में हुए 'ब्लाइंड मर्डर केस' की गुत्थी को सुलझा लिया है। पुलिस ने इस मामले के मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। बीते 4 जुलाई को एक किसान के खेत से खून से लथपथ हालत में एक अज्ञात शव बरामद हुआ था, जिसके बाद पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए महज कुछ ही दिनों में आरोपी को सलाखों के पीछे पहुंचा दिया है। पुलिस ने गठित की विशेष टीम
मामले की विस्तृत जानकारी देते हुए डीएसपी राजीव कुमार ने बताया कि ब्लाइंड मर्डर के मामले को गंभीरता से लेते हुए सब-डिवीजन आदमपुर की निगरानी में एक विशेष टीम का गठन किया गया। इस टीम का नेतृत्व इंस्पेक्टर पंकज कुमार (प्रभारी थाना आदमपुर) कर रहे थे। पुलिस टीम ने वैज्ञानिक और पारंपरिक तरीकों का इस्तेमाल करते हुए लगातार जांच जारी रखी और आखिरकार मुख्य आरोपी को दबोच लिया। लुधियाना के निवासी की शिकायत पर FIR दर्ज
डीएसपी राजीव कुमार ने बताया कि इस वारदात के संबंध में 4 जुलाई को ही दिलबाग सिंह (पुत्र दयाल सिंह, निवासी गांव कद्दो, थाना दोराहा, जिला लुधियाना) के बयानों के आधार पर मामला दर्ज किया गया था। पुलिस ने थाना आदमपुर, जिला जालंधर ग्रामीण में एफआईआर संख्या 144 (दिनांक 04.07.2026) के तहत भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 103 के अंतर्गत केस दर्ज कर तफ्तीश शुरू की थी। मृतक और आरोपी की हुई पहचान
गहन जांच के दौरान सबसे पहले मृतक की शिनाख्त की गई। मृतक की पहचान जगजीत सिंह उर्फ जग्गी मान (पुत्र मोहन सिंह, निवासी सरहिंद, जिला फतेहगढ़ साहिब) के रूप में हुई। वह वर्तमान में गांव कद्दो, थाना दोराहा (लुधियाना) में रह रहा था और शिकायतकर्ता दिलबाग सिंह का बेहद करीबी दोस्त था। फतेहगढ़ साहिब का आरोपी चढ़ा पुलिस के हत्थे
जांच को आगे बढ़ाते हुए पुलिस को नभप्रीत सिंह उर्फ नभप्रीत सिंह (पुत्र अवतार सिंह) की इस हत्याकांड में संलिप्तता के पुख्ता सबूत मिले। आरोपी नभप्रीत सिंह गांव शाहपुर, तहसील अमलोह, जिला फतेहगढ़ साहिब का रहने वाला है। सबूतों के आधार पर कार्रवाई करते हुए पुलिस ने उसे बीते दिन कानून के दायरे में लेते हुए गिरफ्तार कर लिया। पुलिस रिमांड में होंगे कई खुलासे
पुलिस का कहना है कि आरोपी नभप्रीत सिंह को अब कोर्ट में पेश किया जाएगा। पुलिस अदालत से आरोपी का रिमांड हासिल करेगी। पुलिस का मानना है कि रिमांड के दौरान गहन पूछताछ की जाएगी, जिससे हत्या के असली कारणों का पता चल सकेगा और वारदात से जुड़े अन्य महत्वपूर्ण तथ्य व साक्ष्य भी जुटाए जा सकेंगे।