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कौन हैं IPS कुंदन कृष्णन? कभी जेल में AK-47 लेकर घुसे थे, अब RJD सांसद से भिड़े

INT News28 October 2026 at 05:44 pm

IPS Kundan Krishnan: बिहार पुलिस के वरिष्ठ IPS अधिकारी कुंदन कृष्णन एक बार फिर सुर्खियों में हैं. कभी छपरा जेल में कैदियों के विद्रोह के बीच AK-47 लेकर पहुंचने की घटना ने उन्हें चर्चा में ला दिया था, तो कभी बाहुबली नेता आनंद मोहन से जुड़े मामले में उनकी भूमिका सुर्खियों में रही. अब RJD सांसद सुधाकर सिंह के साथ कानूनी विवाद और पांच करोड़ रुपये के मानहानि नोटिस को लेकर उनका नाम चर्चा में है.

IPS कुंदन कृष्णन के बारे में जानिए

कुंदन कृष्णन बिहार कैडर के 1994 बैच के IPS अधिकारी हैं. करीब 32 साल के पुलिस करियर में वह कई अहम पदों पर अपनी जिम्मेदारी निभा चुके हैं. फिलहाल वह बिहार पुलिस में DG ऑपरेशन्स के पद पर तैनात हैं. जनवरी 2026 में उन्हें STF और स्पेशल ब्रांच की जिम्मेदारी भी सौंपी गई थी. जानकारी के मुताबिक, उनकी सेवानिवृत्ति 31 मार्च 2029 को होनी है. बिहार के अगले स्थायी DGP पद के संभावित दावेदारों में भी उनका नाम चर्चा में रहा है.

जब AK-47 लेकर छपरा जेल में घुस गए थे IPS

कुंदन कृष्णन के करियर की सबसे चर्चित घटनाओं में साल 2002 का छपरा जेल विद्रोह शामिल है. उस समय वह छपरा के SP थे. जेल के अंदर कैदियों के विद्रोह और परिसर पर कब्जे जैसी स्थिति ने प्रशासन के सामने बड़ी चुनौती खड़ी कर दी थी. ऐसे हालात में कुंदन कृष्णन खुद मोर्चे पर उतरे.

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मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, वह AK-47 लेकर जेल के अंदर पहुंचे थे. एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी का इस तरह सीधे ऑपरेशन में उतरना उस समय काफी चर्चा में रहा. इसी घटना ने उन्हें बिहार पुलिस के उन अधिकारियों में शामिल कर दिया, जिनकी पहचान सख्त पुलिसिंग और चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में कार्रवाई से जोड़ी जाती है.

आनंद मोहन से लेकर गोपाल खेमका हत्याकांड तक चर्चा

कुंदन कृष्णन का नाम बाहुबली नेता आनंद मोहन को पटना के एक होटल से जेल पहुंचाने से जुड़े मामले में भी सामने आया था. इसके अलावा चर्चित कारोबारी गोपाल खेमका हत्याकांड की जांच में उनकी भूमिका को लेकर भी चर्चा हुई. अब RJD सांसद सुधाकर सिंह के साथ कानूनी विवाद ने उन्हें फिर सुर्खियों में ला दिया है. पांच करोड़ रुपये के मानहानि नोटिस से जुड़े इस मामले में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने 27 अक्टूबर 2026 को जांच के आदेश दिए हैं.

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