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बिना पराली जलाए 27 एक़ड़ में बोया गेहूं:तरनतारन के किसान रजिंदर सिंह को किया सम्मानित, पर्यावरण व खेत की उर्वरता बचाया
पराली जलाने की समस्या से निपटने और पर्यावरण संरक्षण के लिए उपमंडल पट्टी के प्रशासनिक अधिकारियों ने मोर्चा संभाल लिया है। इसी कड़ी में एसडीएम पट्टी अमनदीप सिंह ने कृषि विभाग और पुलिस प्रशासन की टीम के साथ पट्टी नदोहर, पनगोटा, हरीके, बूहे और किरतोवाल सहित कई गांवों का तूफानी दौरा कर पराली प्रबंधन का जायजा लिया। दौरे के दौरान एसडीएम अमनदीप सिंह ने गांव पनगोटा के प्रगतिशील किसान राजविंदर सिंह के खेतों में पहुंचकर उन्हें विशेष रूप से सम्मानित किया। किसान राजविंदर सिंह अपनी 27 एकड़ जमीन पर बिना पराली जलाए गेहूं की बिजाई कर रहे हैं, जो क्षेत्र के अन्य किसानों के लिए प्रेरणा का स्रोत बने हुए हैं। सुपर सीडर और गांठें बनाकर कर रहे पराली का निपटारा किसान राजविंदर सिंह ने बताया कि वे 15 एकड़ जमीन में 'सुपर सीडर' मशीन का उपयोग करके गेहूं की बिजाई कर रहे हैं, जबकि बाकी 12 एकड़ जमीन में बेलर मशीन से पराली की गांठें बनवाकर गेहूं बो रहे हैं। इस तरह वे बिना धुएं के पर्यावरण और मिट्टी की सेहत दोनों को बचा रहे हैं। एनजीटी के आदेशों का सख्ती से पालन करने की हिदायत निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने किसानों के साथ सीधी बातचीत की और उन्हें राष्ट्रीय हरित अधिकरण (NGT) के दिशा-निर्देशों का अक्षरशः पालन करने के निर्देश दिए। एसडीएम ने कहा कि पराली जलाने से वायु प्रदूषण बढ़ता है और मिट्टी के मित्र कीट व उपजाऊ क्षमता नष्ट हो जाती है। आधुनिक कृषि मशीनरी का उपयोग करके फसल अवशेषों का प्रबंधन करना ही समय की मांग है। इस अवसर पर डीएसपी पट्टी रवि शेर सिंह, ब्लॉक कृषि अधिकारी डॉ. भूपिंदर सिंह, सर्कल अधिकारी दयाप्रीत सिंह, क्लस्टर अधिकारी अभिनंदन शर्मा, नोडल अधिकारी पवित्र सिंह और एसडीएम कार्यालय से अवतार सिंह सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित थे।