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झारखंड में सुस्त पड़ी विकास योजनाएं: वित्त मंत्री ने जताई चिंता, अब हर दिन खर्च करने होंगे 626 करोड़

INT News29 October 2026 at 10:46 am

रांची : झारखंड में वित्तीय वर्ष 2026-27 के योजना बजट के खर्च की धीमी गति को लेकर राज्य सरकार में चिंता बढ़ गई है. इसे लेकर वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने गहरी चिंता जताते हुए विकास आयुक्त को एक महत्वपूर्ण पत्र लिखा है. पत्र में मुख्य रूप से निर्माण कार्यों से जुड़े विभिन्न विभागों में टेंडर निष्पादन में हो रही अत्यधिक देरी का मामला उठाया गया है. मंत्री ने इस बात पर कड़ी आपत्ति जताई है कि टेंडर की प्रक्रिया पूरी करने में वर्तमान में 6 महीने से लेकर डेढ़ साल तक का समय लग जाता है, जिसके कारण योजनाओं का क्रियान्वयन बुरी तरह प्रभावित होता है और बजट की भारी-भरकम राशि समय पर खर्च नहीं हो पाती है.

60 दिनों में टेंडर प्रक्रिया पूरी करने के निर्देश

इस गंभीर समस्या से पार पाने के लिए वित्त मंत्री ने सभी संबंधित निर्माण विभागों को कड़े निर्देश दिए हैं. उन्होंने टेंडर प्रक्रिया को हर हाल में 60 दिनों के भीतर निबटाने को कहा है. इसके साथ ही, बजट की राशि कम खर्च करने वाले विभिन्न विभागों के सचिवों के साथ विशेष समीक्षा बैठक आयोजित करने और योजनाओं के क्रियान्वयन में तेजी लाने के निर्देश भी दिए गए हैं. आंकड़ों पर नजर डालें तो, पुनरीक्षित योजना बजट के लिए निर्धारित कुल 1,06,200.94 करोड़ रुपये में से 22 अक्टूबर 2026 तक महज 31,196.72 करोड़ रुपये ही खर्च किए जा सके हैं. यह कुल राशि का मात्र 29.38% है, जिसे पिछले छह महीने और 22 दिनों (यानी पौने सात महीने) में खर्च किया गया है.

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एक्सप्लेनर : अब प्रतिदिन 626 करोड़ रुपये खर्च करने की चुनौती

वित्त मंत्री राधा कृष्ण किशोर ने वित्तीय वर्ष के शेष बचे पांच महीनों में पूरी बजट राशि को खर्च करने का कड़ा निर्देश जारी किया है. यदि दिसंबर 2026 तक 75,000 करोड़ रुपये खर्च करने के लक्ष्य को हासिल करना है, तो 22 अक्टूबर तक के खर्च के अलावा करीब 43,803 करोड़ रुपये और खर्च करने होंगे. गणितीय हिसाब से देखें तो इस लक्ष्य को पाने के लिए प्रतिदिन 626 करोड़ रुपये खर्च करने होंगे. इस बड़े लक्ष्य को पूरा करने के लिए विभागों को अपनी कार्यशैली में सुधार करना होगा और पेंडिंग टेंडरों को तुरंत निबटाना होगा. योजनाओं का समयबद्ध क्रियान्वयन सुनिश्चित करना होगा और आवंटित राशि का नियमित उपयोग करना होगा.

बजट राशि खर्च न होने से अटकी कई बड़ी परियोजनाएं

फंड और बजट राशि समय पर खर्च न होने का सीधा असर राज्य की कई महत्वपूर्ण विकास परियोजनाओं पर पड़ रहा है, जिससे काम अटक गए हैं. नगर विकास विभाग के तहत रांची में तैयार होने वाले 'ट्रांसपोर्ट नगर-फेज टू' का निर्माण जुडको (JUDCO) को कराना है. इसके लिए प्रशासनिक और कागजी कार्रवाई पूरी की जा चुकी है, लेकिन धरातल पर अब तक काम ने कोई गति नहीं पकड़ी है. वहीं, रांची में जुडको के माध्यम से चलाई जा रही महत्वपूर्ण जलापूर्ति योजनाएं भी इसी सुस्ती के कारण बाधित चल रही हैं. उसी तरह पथ निर्माण विभाग के अंतर्गत राजधानी रांची में लगभग 1,401 करोड़ रुपये की लागत से 10 बड़ी सड़क योजनाओं पर काम होना है, लेकिन प्रशासनिक और वित्तीय सुस्ती के कारण ये प्रोजेक्ट्स भी आगे नहीं बढ़ पा रहे हैं.

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