समाचार · झारखंड
बारिश से बढ़ी ठंड, धान पर संकट; कुम्हारों की दिवाली तैयारी पर लगा ब्रेक

Rainfall: लोहरदगा में पिछले दिन से मौसम का मिजाज बदला हुआ है. आसमान में काले बादल छाये हैं और रुक-रुककर बारिश हो रही है. गुरुवार सुबह से ठंडी हवाओं के कारण तापमान में गिरावट महसूस की गई. अक्टूबर के अंतिम सप्ताह में ही लोगों को ठंड का एहसास होने लगा है. बारिश और ठंडी हवाओं के कारण सामान्य जनजीवन प्रभावित हुआ है. सुबह से आसमान में बादल छाये रहने के कारण धूप नहीं निकली. घरों से निकलने वाले लोगों को गर्म कपड़ों का सहारा लेना पड़ा. बाजारों और सड़कों पर भी मौसम के बदलाव का असर देखने को मिला. कई लोग बारिश से बचने के लिए छाता और बरसाती का इस्तेमाल करते नजर आए.
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धान की फसल को लेकर किसानों की बढ़ी चिंता
अचानक बदले मौसम ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है. कई इलाकों में धान की फसल पककर तैयार है और किसान कटाई की तैयारी में जुटे हैं. ऐसे में लगातार बारिश होने से खेतों में खड़ी फसल के भीगने और नुकसान पहुंचने की आशंका है. यदि बारिश का दौर लंबा चला, तो किसानों को तैयार धान की कटाई करने और उसे सुरक्षित स्थान तक पहुंचाने में परेशानी हो सकती है. इससे फसल की गुणवत्ता भी प्रभावित होने का खतरा है.
कुम्हारों की दिवाली तैयारी पर लगा ब्रेक
लगातार बारिश से कुम्हारों की परेशानी भी बढ़ गई है. दिवाली को लेकर मिट्टी के दीये और अन्य सामान तैयार करने में जुटे कुम्हारों के काम पर मौसम का असर पड़ रहा है. बारिश के कारण मिट्टी के उत्पादों को सुखाने और तैयार सामान को सुरक्षित रखने में मुश्किल हो सकती है. ऐसे में दिवाली से पहले बिक्री की तैयारी भी प्रभावित होने की आशंका है.
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अगले दो दिनों के मौसम पर टिकी नजर
मौसम में बदलाव के बीच लोगों की नजर अब आने वाले दिनों के पूर्वानुमान पर है. यदि बादल छाये रहने और बारिश का सिलसिला जारी रहा, तो तापमान में और गिरावट महसूस हो सकती है. सुबह और शाम ठंड का असर बढ़ने से बच्चों, बुजुर्गों और खुले में काम करने वाले लोगों को परेशानी हो सकती है. फिलहाल बारिश से जहां आम जनजीवन प्रभावित है, वहीं किसान अपनी तैयार धान की फसल को लेकर चिंतित हैं. दूसरी ओर, दिवाली की तैयारी में जुटे कुम्हार भी मौसम साफ होने का इंतजार कर रहे हैं.