समाचार · मध्य प्रदेश
सराफा बाजार में दीपावली पर व्यापारियों का अनूठा विरोध:दीपक लेकर दुकानों के बाहर खड़े हुए व्यापारी, बोले- अगली दिवाली कहां मनाएंगे, पता नहीं
उज्जैन में दीपावली पर जहां बाजार रंग-बिरंगी रोशनी से जगमगा रहे थे और आतिशबाजी हो रही थी, वहीं गोपाल मंदिर के पास स्थित सराफा बाजार में विरोध का अनूठा नजारा देखने को मिला। सड़क चौड़ीकरण से प्रभावित होने की आशंका के चलते व्यापारियों ने रात 8:30 बजे अपनी दुकानों की लाइट बंद कर दी। वे परिवार के सदस्यों के साथ प्रतिष्ठानों के बाहर हाथों में दीपक और मोमबत्तियां लेकर खड़े हो गए। करीब 15 मिनट तक बाजार अंधेरे में रहा। रात 8:45 बजे व्यापारियों ने दोबारा दुकानों की लाइट चालू कर दी। व्यापारियों ने यह प्रदर्शन गोपाल मंदिर से महाकाल चौराहे तक प्रस्तावित सड़क चौड़ीकरण के विरोध में किया। उनका कहना है कि चौड़ीकरण की जद में उनकी पुश्तैनी दुकानों का बड़ा हिस्सा आ रहा है। कई दुकानदारों के मुताबिक, प्रस्तावित नक्शे में 13 से 14 फीट तक हिस्सा प्रभावित बताया गया है। इससे कई दुकानें लगभग खत्म होने की स्थिति में पहुंच सकती हैं। बोले- अगली दिवाली तक बिखर जाएगा पूरा बाजार सराफा एसोसिएशन के अध्यक्ष शिवनारायण सोनी ने भावुक होते हुए कहा कि इस बार की दिवाली तो मना लेंगे, लेकिन अगली दिवाली तक पूरा बाजार बिखर सकता है। कोई कहां चला जाएगा, किसी को पता नहीं। दो-तीन फीट के ओटले में व्यापार कैसे चलेगा। उन्होंने कहा कि सराफा बाजार सिर्फ दुकानों का समूह नहीं है, बल्कि कई पीढ़ियों से जुड़े परिवारों की रोजी-रोटी और आपसी रिश्तों का केंद्र है। चौड़ीकरण से इन परिवारों के सामने आजीविका का संकट खड़ा हो सकता है। विकास का विरोध नहीं, पहले दूसरी जगह मिले व्यापारी प्रशांत सोनी ने कहा कि व्यापारी विकास के विरोधी नहीं हैं। उज्जैन को सजाने और सड़क चौड़ीकरण के प्रयासों में वे प्रशासन के साथ हैं, लेकिन विकास के नाम पर उनकी रोजी-रोटी खत्म नहीं होनी चाहिए। उनका कहना है कि दुकानदारों को विस्थापित करने से पहले दूसरी जगह आवंटित की जाए। व्यापारियों ने सामने बन रहे नगर निगम के कॉम्प्लेक्स में दुकानें देने का विकल्प भी सुझाया है। बोले- हमारे जीवन में अंधेरा हो जाएगा, इसलिए बुझाईं लाइटें व्यापारी अशोक जैन ने कहा कि प्रशासन का ध्यान आकर्षित करने के लिए गांधीवादी तरीके से यह प्रदर्शन किया गया। उनका कहना है कि यदि इसी तरह चौड़ीकरण हुआ तो पटनी बाजार और सराफा के व्यापारियों का जीवन अंधेरे में चला जाएगा। रोजी-रोटी बचाने के लिए व्यापारी अपने स्तर पर विरोध जारी रखेंगे। उन्होंने आगे विरोध के नए तरीके अपनाने के संकेत भी दिए। दीपक जलाकर प्रशासन को दिया संदेश व्यापारियों ने लक्ष्मी पूजन के दिन बाजार को पूरी तरह अंधेरे में रखने के बजाय हाथों में दीपक और मोमबत्तियां लेकर अपनी बात रखी। उनका संदेश था कि जिस तरह दीपक अंधेरे को दूर करता है, उसी तरह प्रशासन के फैसले से उनके परिवारों के जीवन में भी रोशनी बनी रह सकती है। व्यापारियों का कहना है कि वे कई बार प्रशासन और जनप्रतिनिधियों तक अपनी बात पहुंचा चुके हैं, लेकिन अब तक समाधान नहीं निकला। आगे की रणनीति तय करने के लिए पूरे महासंघ की बैठक बुलाई जाएगी।