Sunday, 8 November 2026
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दिवाली पर और जहरीली हुई दिल्ली की हवा: AQI 483 पर पहुंचा, कई इलाकों में 400 के पार; सांस लेना मुश्किल

INT News8 November 2026 at 09:20 pm

प्रदूषण के बढ़ते स्तर को देखते हुए वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) ने शुक्रवार को ही दिल्ली-NCR में ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान (GRAP) के तीसरे चरण यानी स्टेज-3 को लागू कर दिया था. दिवाली से दो दिन पहले यह फैसला प्रदूषण की स्थिति और बिगड़ने की आशंका को देखते हुए लिया गया.

कई इलाकों में AQI 400 के पार

CPCB के आंकड़ों के अनुसार, दिल्ली के कई इलाकों में वायु गुणवत्ता गंभीर श्रेणी में पहुंच गई है. बवाना में AQI 446, पंजाबी बाग में 449 और आरके पुरम में 448 दर्ज किया गया. वहीं, आईआईटी दिल्ली और रोहिणी में AQI 445-445 रहा.

इसके अलावा चांदनी चौक में 420, पटपड़गंज में 421 और अलीपुर में 413 AQI दर्ज किया गया. ये सभी इलाके गंभीर श्रेणी में रहे.

वहीं, आनंद विहार में AQI 328 और नरेला में 395 दर्ज किया गया. दोनों इलाके बेहद खराब श्रेणी में रहे. इंडिया गेट के आसपास वायु गुणवत्ता सूचकांक 398 और अक्षरधाम मंदिर के पास 336 रिकॉर्ड किया गया.

एक दिन में बिगड़ी हवा की हालत

रविवार सुबह दिल्ली के कई इलाकों में धुंध की मोटी परत छाई रही. कम दृश्यता और खराब हवा ने लोगों की चिंता बढ़ा दी है. ठंड की शुरुआत के साथ ही राजधानी में प्रदूषण का स्तर भी तेजी से बढ़ने लगा है.

शनिवार सुबह 8 बजे दिल्ली का ओवरऑल AQI 364 था, जो बेहद खराब श्रेणी में आता है. लेकिन रविवार सुबह यह बढ़कर 483 पर पहुंच गया. यानी महज 24 घंटे में हवा की गुणवत्ता में भारी गिरावट दर्ज की गई.

कितना AQI होने पर हवा होती है खतरनाक?

CPCB के मानकों के मुताबिक, AQI को छह श्रेणियों में बांटा गया है.

0-50: अच्छा

51-100: संतोषजनक

101-200: मध्यम

201-300: खराब

301-400: बेहद खराब

401-500: गंभीर

दिल्ली का AQI 483 पर पहुंचने का मतलब है कि राजधानी की हवा गंभीर प्रदूषण की चपेट में है.

GRAP-3 लागू, इन राज्यों तक असर

CAQM की ओर से लागू GRAP-3 के तहत दिल्ली के साथ-साथ हरियाणा, उत्तर प्रदेश और राजस्थान के NCR से जुड़े जिलों में भी प्रदूषण नियंत्रण के उपाय लागू किए गए हैं.

यह व्यवस्था मौसम विभाग (IMD) और भारतीय उष्णकटिबंधीय मौसम विज्ञान संस्थान (IITM) के प्रदूषण और मौसम संबंधी पूर्वानुमानों के आधार पर लागू की जाती है. इसका मकसद AQI के गंभीर स्तर तक पहुंचने से पहले ही प्रदूषण पर नियंत्रण करना है.

GRAP के तहत प्रदूषण बढ़ने के साथ प्रतिबंध भी सख्त होते जाते हैं.

स्टेज-1: AQI 201 से 300 के बीच होने पर सड़क की धूल नियंत्रित करने, प्रदूषण फैलाने वाले नियमों का पालन कराने और खुले में कचरा जलाने पर रोक जैसे कदम उठाए जाते हैं.

स्टेज-2: AQI 301 से 400 के बीच पहुंचने पर धूल नियंत्रण के उपाय बढ़ाए जाते हैं. पार्किंग शुल्क बढ़ाने और दफ्तरों के समय में बदलाव जैसे कदम शामिल हैं.

स्टेज-3: AQI 401 से 450 के बीच पहुंचने पर निर्माण गतिविधियों पर रोक, वाहनों को लेकर सख्त पाबंदियां और प्राथमिक कक्षाओं के लिए हाइब्रिड पढ़ाई जैसे उपाय लागू होते हैं.

स्टेज-4: AQI 450 से ऊपर जाने पर भारी मालवाहक वाहनों पर प्रतिबंध और यातायात व औद्योगिक प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए आपातकालीन कदम उठाए जाते हैं.

स्टेज-3 में किन चीजों पर लगी रोक?

GRAP-3 लागू होने के बाद दिल्ली-NCR में प्रदूषण फैलाने वाली गतिविधियों पर अतिरिक्त प्रतिबंध लगाए गए हैं.

इसके तहत दिल्ली और NCR के निर्धारित जिलों में BS-3 पेट्रोल और BS-4 डीजल चार पहिया वाहनों के चलने पर रोक है.

इसके अलावा पुराने हल्के और मध्यम मालवाहक वाहनों के परिचालन पर भी सख्ती की गई है. दिल्ली में पंजीकृत नहीं होने वाले डीजल कमर्शियल वाहनों के राजधानी में प्रवेश पर भी प्रतिबंध कड़े किए गए हैं.

निर्माण कार्यों से फैलने वाली धूल को रोकने के लिए गैर-जरूरी निर्माण गतिविधियों पर रोक लगा दी गई है. इसमें खुदाई, मिट्टी का काम, तोड़फोड़ और सड़क निर्माण जैसे काम शामिल हैं. जरूरी परियोजनाओं को धूल नियंत्रण के सख्त उपायों के साथ काम करने की अनुमति है.

इसके अलावा स्टोन क्रशर और खनन गतिविधियों पर भी तत्काल रोक या परिचालन संबंधी प्रतिबंध लगाए गए हैं.

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