Tuesday, 7 July 2026
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जबलपुर में शातिर पटवारी का कारनामा:शासन को लगाया 6 लाख का चूना, टैक्स जमाकर अपने खाते में लिए रुपए; एफआईआर दर्ज

INT News7 July 2026 at 06:57 pm

जबलपुर आर्थिक अन्वेषण ब्यूरो की टीम ने एक ऐसे पटवारी के खिलाफ मामला दर्ज किया है, जो कि पैसे लेकर किसानों और भू स्वामियों के फर्जी टैक्स रसीद दिया करता था। शातिर पटवारी किसानों से लगान और डायवर्सन के नाम पर फर्जी चालान बनाया करता था। EOW की जांच में सामने आया है, कि सिवनी जिले में पदस्थ पटवारी अरुण कुमार सनोडिया ने अभी तक किसानों को 6 लाख रुपए से अधिक का चूना लगा चुका है। शातिर पटवारी ने पहले तो किसानों से टैक्स के पैसे अपने फोन-पे पर मांगे और फिर फर्जी सरकारी चालान बनाकर उन्हें सौंप दिया। टैक्स जमा करने के बावजूद भी जब किसानों और भू स्वामियों के पास नोटिस आना शुरू है,, तो उन्होंने इसकी शिकायत संबंधित अधिकारियों से की। इसके बाद फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ तो एसडीएम ने उसे निलंबित कर दिया। एसडीएम के प्रतिवेदन पर जबलपुर ईओडब्ल्यू ने पटवारी अरुण कुमार के खिलाफ कई धाराओं के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। जानकारी के मुताबिक राजस्व का काम कर रहे पटवारी अरुण कुमार सनोडिया बीते कई सालों से सिवनी में पदस्थ हैं। पटवारी ने अपने पद का दुरुपयोग करते हुए भोले भाले किसान और भू स्वामियों के साथ ठगी करने का पूरा प्लान बनाया। आरोपी पटवारी ने सरकारी खजाने में राजस्व राशि जमा करने की वजह फर्जी चालान तैयार कर 600000 रुपए घोटाला कर डाला। किसानों के द्वारा भ्रष्टाचार की शिकायत EOW से की गई, जिसके बाद आरोपी पटवारी के खिलाफ धारा 361(5) 337, 336 (3) 340 (2) के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पटवारी के फर्जीवाड़े का खुलासा एकता कॉलोनी सिवनी में रहने वाले किसान राजकुमार साहू ने किया। EOW को शिकायत देते हुए उन्होंने बताया कि साल 2007 से 2025 तक के मकान का टैक्स राशि 5400 रुपए चुकाना था। पटवारी अरुण सनोडिया ने शातिर दिमाग लगाते हुए 31 अगस्त 2024 को यह राशि अपने पास ऑनलाइन ट्रांसफर करवा ली और पीड़ित को 30 अगस्त 2024 की तारीख का चालान थमा दिया। जब राजकुमार साहू ने सरकारी ऑनलाइन पोर्टल पर चेक किया तो उसमें कोई रिकॉर्ड नहीं मिला। चालान पूरी तरह से जाली था, और टैक्स के पैसे सरकारी खाते की वजह पटवारी के जेब में जा चुके थे। फर्जी चालान थमाकर ठगी का शिकार बनाया इसी तरह रामकुमार कुशवाहा को भी शातिर पटवारी अरुण कुमार ने 89550 रुपए का फर्जी चालान थमाकर ठगी का शिकार बनाया। लगातार मिल रही शिकायतों के बाद जब तत्कालीन एसडीएम सिवनी ने जिला कोषालय अधिकारी से इन चालानों का सत्यापन करवाया तो सरकारी पोर्टल से गायब पाए गए। मामले की गंभीरता को देखते हुए एसडीएम ने पटवारी को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया। पटवारी के खिलाफ जब विभागीय जांच शुरू हुई तो उसके कई काले कारनामे सामने आने लगे।

केस नंबर 1-

सिवनी निवासी भूस्वामी सुनील नाहर ने खसरा के लगान हेतु पटवारी को 44846 फोन पर ट्रांसफर की है पटवारी ने उन्हें 6300 और 32000 रुपए के दो चालान दिए। जांच में पता चला कि 32,000 वाले चालान की एवज में सरकारी पोर्टल पर केवल 21,300 ही दर्ज है यानी सीधे तौर पर 17,256 का घोटाला किया गया।

केस नंबर 2-

जांच के दौरान सबसे बड़ा झटका तब लगा जब शीतलचंद्र भूरा के नाम पर जारी 5 लाख 4000 रुपए का भारी भरकम चालान मिला, जब इसे ट्रेजरी और ऑनलाइन पोर्टल में सर्च किया तो यह पूरी तरह से गायब पाया गया। प्रथमदृष्टया यह सिद्ध हो चुका था कि आरोपी पटवारी ने सुनियोजित तरीके से शासन को करीब 6 लाख रुपए की आर्थिक क्षति पहुंचाई है।