Monday, 17 August 2026
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लखीसराय: अशोक धाम हादसे ने खोली स्वास्थ्य व्यवस्था की पोल, 22 घायलों के इलाज के लिए सदर अस्पताल में मिला मात्र एक प्रशिक्षु चिकित्सक

INT News17 August 2026 at 03:31 pm

लखीसराय के प्रसिद्ध श्री इंद्रदमनेश्वर महादेव मंदिर (अशोक धाम) में सावन की सोमवारी पर हुए दर्दनाक हादसे ने जिला प्रशासन के साथ-साथ स्वास्थ्य विभाग की बदहाल व्यवस्था की भी पूरी तरह से पोल खोलकर रख दी है. इस अप्रिय घटना में कई श्रद्धालुओं की मौत और बड़ी संख्या में लोगों के घायल होने के बाद सदर अस्पताल की लचर व्यवस्था खुलकर सामने आ गई. आपातकालीन स्थिति में घायलों के त्वरित इलाज के लिए न तो अशोक धाम स्थित स्वास्थ्य शिविर में कोई चिकित्सक मौजूद मिला और न ही सदर अस्पताल में पर्याप्त चिकित्सा कर्मी उपस्थित थे, जिससे सरकार के सुशासन के दावों पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं.

स्वास्थ्य शिविर से नदारद रहे 14 प्रतिनियुक्त चिकित्सक

अशोक धाम में सावन के दौरान श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए राज्य स्वास्थ्य समिति, पटना द्वारा विशेष प्रबंध किए गए थे. निर्देश के तहत दूसरे जिलों से 14 चिकित्सकों की विशेष प्रतिनियुक्ति की गई थी ताकि जरूरत पड़ने पर श्रद्धालुओं को तत्काल प्राथमिक उपचार मिल सके. हालांकि, सोमवार को मची भगदड़ के बाद हकीकत बिल्कुल इसके विपरीत नजर आई. प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, घटना के बाद किसी भी घायल श्रद्धालु को अशोक धाम स्थित स्वास्थ्य शिविर में प्राथमिक उपचार मयस्सर नहीं हुआ. आरोप है कि उस भीषण त्रासदी के वक्त शिविर में ड्यूटी पर एक भी चिकित्सक तैनात नहीं था, जिससे वहां इलाज की उम्मीद टूट गई.

सदर अस्पताल में एक प्रशिक्षु के भरोसे रहे 22 घायल

स्वास्थ्य शिविर में इलाज न मिलने के बाद जब सभी 22 गंभीर रूप से घायलों को आनन-फानन में लखीसराय सदर अस्पताल लाया गया, तो वहां की स्थिति और भी लचर मिली. आपातकालीन स्थिति होने के बावजूद इतने सारे घायलों की देखभाल और इलाज के लिए अस्पताल में मात्र एक प्रशिक्षु चिकित्सक ही मौजूद था. काफी देर तक मचे हंगामे और अफरातफरी के बाद अन्य चिकित्सक अस्पताल पहुंचे, लेकिन तब तक उसी इकलौते प्रशिक्षु चिकित्सक द्वारा सभी घायलों का प्राथमिक उपचार किया जा चुका था. आश्चर्यजनक रूप से, इतनी बड़ी घटना घट जाने के बावजूद जिले के सिविल सर्जन अस्पताल परिसर में दूर-दूर तक नजर नहीं आए.

पुरानी है सदर अस्पताल की बदहाली, लोगों में भारी आक्रोश

लखीसराय का सदर अस्पताल अपनी इस लचर कार्यशैली और बदहाल व्यवस्था के लिए पहले से ही बदनाम रहा है. जानकारी के अनुसार, अस्पताल की हालत सुधारने के लिए पूर्व में कई जिलाधिकारियों ने प्रयास किए, लेकिन न तो यहां की बुनियादी व्यवस्था में कोई स्थायी सुधार हो सका और न ही पदस्थापित चिकित्सकों के लापरवाह रवैये में कोई बदलाव आया. इस हृदयविदारक घटना में डॉक्टरों की गैरमौजूदगी देखने के बाद सदर अस्पताल में मौजूद लोगों का गुस्सा फूट पड़ा. आम लोगों और परिजनों ने व्यवस्था को कोसते हुए स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के खिलाफ जमकर नाराजगी व्यक्त की.