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भिवानी में ABVP ने सीबीएलयू वीसी को सौंपा ज्ञापन:बोले-रिजल्ट, डीएमसी व रि-वैल्यूवेशन को लेकर मांग, कुलगुरु ने दिया आश्वासन
भिवानी में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) की चौधरी बंसीलाल विश्वविद्यालय इकाई ने विद्यार्थियों की विभिन्न शैक्षणिक एवं प्रशासनिक समस्याओं को लेकर कुलगुरु (VC) के नाम 6 सूत्रीय ज्ञापन सौंपा। विद्यार्थी परिषद ने विश्वविद्यालय प्रशासन से विद्यार्थियों की समस्याओं का शीघ्र एवं समयबद्ध समाधान करने की मांग की। कुलगुरु ने विद्यार्थी परिषद द्वारा रखी गई सभी मांगों को गंभीरता से लेते हुए उन्हें पूरा करने का आश्वासन दिया। इस मौके पर एबीवीपी प्रदेश सह मंत्री विकास कायत ने कहा कि विद्यार्थियों की समस्याओं को लेकर विश्वविद्यालय प्रशासन को संवेदनशीलता के साथ कार्य करना चाहिए। विद्यार्थियों के भविष्य से जुड़े विषयों में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। विभाग संयोजक रविकांत शर्मा ने कहा कि विश्वविद्यालय प्रशासन को विद्यार्थियों की समस्याओं का स्थायी एवं समयबद्ध समाधान सुनिश्चित करना चाहिए। कुलगुरु ने मांग पूरी करने का दिया आश्वासन
इकाई अध्यक्ष करण बुरा ने कहा कि विद्यार्थी परिषद विद्यार्थियों के हितों से जुड़े मुद्दों को लगातार उठाती रही है। कुलगुरु ने सभी मांगों को पूरा करने का आश्वासन दिया है। विद्यार्थी परिषद विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा की जाने वाली कार्रवाई पर नजर रखेगी।
इकाई मंत्री सलोनी सैनी ने कहा कि विद्यार्थियों को अपनी डीएमसी, रि-वैल्यूवेशन, प्रोविजनल सर्टिफिकेट एवं अन्य दस्तावेजों के लिए अनावश्यक परेशानी नहीं उठानी चाहिए। कुलगुरु ने सभी मांगों के समाधान का आश्वासन दिया है, जिससे विद्यार्थियों को राहत मिलने की उम्मीद है। रि-वैल्यूवेशन रिजल्ट 20 दिनों में जारी करें
मांगपत्र के माध्यम से एबीवीपी ने मांग उठाई कि रि-वैल्यूवेशन रिजल्ट 20 दिनों के अंदर जारी किया जाए, रिजल्ट आने तक री-अपीयर के फॉर्म न निकाले जाएं। पिछले सभी सत्रों की डीएमसी तत्काल उपलब्ध करवाई जाए तथा भविष्य में रिजल्ट जारी होने के 20 दिनों के अंदर डीएमसी उपलब्ध करवाने के साथ डिजी लॉकर पर भी अपलोड की जाए। 15% से कम अंक प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों को भी रि-वैल्यूवेशन फॉर्म भरने का अवसर दिया जाए। ऑनलाइन स्टूडेंट पोर्टल पर दर्ज विद्यार्थियों की शिकायतों का अधिकतम 7 दिनों के अंदर समाधान किया जाए। विद्यार्थी द्वारा मांग किए जाने पर प्रोविजनल सर्टिफिकेट उसी दिन उपलब्ध करवाया जाए। विश्वविद्यालय स्तर से हुई किसी भी प्रकार की त्रुटि के सुधार के लिए विद्यार्थियों से कोई शुल्क न लिया जाए, चाहे त्रुटि अंकों के कुल योग, नाम अथवा किसी अन्य विवरण से संबंधित हो। इस दौरान रोहित वशिष्ट, दीपिका, महक, अभिषेक, निशांत, अनुराग, राहुल सांगा, कार्तिक, इशांत, योजित, हर्ष, नवीन, साहिल एवं साहिल कौशिक सहित अन्य कार्यकर्ता उपस्थित रहे।