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सरगुजा के गांवों में मलेरिया का प्रकोप,44 मरीज PF पॉजिटिव:स्वास्थ्य विभाग कैंप लगा कर रहा पहचान और इलाज, मच्छरदानी से मछली पकड़ रहे ग्रामीण
सरगुजा जिले के उदयपुर ब्लॉक के दूरस्थ गांवों में मलेरिया का प्रकोप फैला हुआ है। ब्लॉक में पिछले एक माह में 39 मरीज प्लाज्मोडियम फाल्सीपेरम (पीएफ) पॉजिटिव पाए गए हैं। वहीं उदयपुर से लगे लखनपुर ब्लॉक के एक गांव में एक ही परिवार के पांच मरीज मलेरिया पॉजिटिव मिले हैं। स्वास्थ्य विभाग द्वारा लगातार गांवों में कैंप लगाकर पीड़ितों की पहचान की जा रही है। प्रभावित गांवों में मतरिंगा, खर्रानगर, मुसरडांड, मुकना पहाड़, बारो पहाड़, बकोई और सेमी घोघरा शामिल हैं। इनमें ज्यादातर पहाड़ी कोरवा और पंडो जाति के लोग शामिल हैं। CMHO ने बताया कि ग्रामीणों को मच्छरदानी बांटी गई है, लेकिन वे उससे मछली पकड़ रहे हैं। जानकारी के मुताबिक, उदयपुर के दूरस्थ इलाके में पहले मलेरिया मरीज की पहचान 6 जून को हुई थी। 26 जुलाई 2026 की रिपोर्ट में 31 मामले थे, जो अब बढ़कर 39 हो गए हैं। संक्रमित लोगों में बच्चे से लेकर बुजुर्ग तक शामिल हैं। मरीजों का ब्लड सैंपल लेकर जांच की गई तो वे प्लाज्मोडियम फाल्सीपेरम मलेरिया से पीड़ित मिले। अब तक 44 मरीजों की पहचान, ज्यादातर का हुआ इलाज सरगुजा CMHO पीएस मार्को ने बताया कि प्लाज्मोडियम फाल्सीपेरम ज्यादा घातक होता है। इससे ज्यादा जल्दी ब्लड HB कम होता है और चक्कर आने लगते हैं। इलाज न मिलने पर यह घातक हो सकता है। सीएमएचओ ने बताया कि प्रभावित गांव पहाड़ों पर बसे हैं। स्वास्थ्य विभाग की टीम लगातार गांवों में पहुंचकर जांच कर रही है। बुखार पीड़ितों का ब्लड सैंपल लिया जा रहा है। जो मलेरिया पीड़ित मिल रहे हैं, उनका तत्काल इलाज किया जा रहा है। गंभीर मरीजों का हॉस्पिटल में उपचार किया गया।
सीएमएचओ पीएस मार्को ने बताया कि उदयपुर ब्लॉक से सटे लखनपुर ब्लॉक के गांव में एक ही परिवार के पांच लोग 10 दिनों पूर्व मलेरिया पीड़ित मिले थे। सभी पीड़ितों का उपचार किया गया। वर्तमान में मात्र 4 से पांच मरीज ऐसे हैं, जिनका उपचार चल रहा है। शेष पीड़ित स्वस्थ्य हो गए हैं। मच्छरदानी बांटी, लोग पकड़ रहे मछली सीएमएचओ ने बताया संवेदनशील इलाकों में इस वर्ष भी मच्छरों से बचाव के लिए मच्छरदानी बांटी गई है। प्रभावित गांव मूसलडांड में ग्र्रामीण इन मच्छरदानी से मछली पकड़ते मिले। ग्रामीणों ने और मच्छरदानी वितरण को लेकर पूछा।
उन्होंने कहा कि लगातार ग्रामीणों को मच्छरदानी लगाकर सोने की समझाइश दी जा रही है, लेकिन उनके सजग नहीं रहने से यह दिक्कत आ रही है।