Thursday, 29 October 2026
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देवास शराब कांड:आखिर पुलिस को मानना पड़ा-जहरीली थी शराब

INT News29 October 2026 at 05:35 am

देवास शराब कांड में प्रशासन का झूठ बेनकाब हो गया है। जिला प्रशासन अब तक शराब के नमूनों की जांच का हवाला देकर उन्हें पीने योग्य बता रहा था। लेकिन पुलिस की जांच में सामने आया है कि जिन चंदाना और बिंजाना गांवों में शराब पीने के बाद 13 मजदूरों की संदिग्ध परिस्थिति में मौत हुई, वहां केमिकल से बनी मिलावटी शराब की सप्लाई हो रही थी। पुलिस ने अब मप्र आबकारी अधिनियम की धारा 49-ए भी जोड़ दी है, जो मानव सेवन के लिए अनफिट शराब या स्पिरिट से संबंधित गंभीर अपराधों पर लागू होती है। ने पड़ताल में खुलासा किया था कि 27 सितंबर से 16 अक्टूबर के बीच इन गांवों में शराब पीने के बाद 13 मजदूरों की मौत हुई। कई लोगों की आंखों की रोशनी भी चली गई। परिजन लगातार जहरीली शराब को मौतों की वजह बता रहे थे, लेकिन प्रशासन ने उनके आरोपों को स्वीकार नहीं किया। अब पुलिस ने केमिकल की खरीद, उससे शराब में मिलावट और गांवों तक सप्लाई की कड़ियां सामने आने की बात कही है। 11 आरोपी गिरफ्तार हो चुके हैं। कलेक्टर और एसपी का तबादला हुआ है। तीन आबकारी अधिकारी निलंबित किए गए हैं। इसके बावजूद 13 मृतकों के गरीब परिवारों के लिए अब तक मुआवजे की घोषणा नहीं हुई है। कोई मंत्री भी पीड़ितों से मिलने नहीं पहुंचा। कांग्रेस प्रवक्ता कासलीवाल बोले-बिल देकर पेंट थिनर बेचा था, फिर हमारा अपराध कैसे? देवास के कोतवाली थाना प्रभारी शशिकांत चौरसिया ने बताया कि अजय राठौर ने विनोद जायसवाल की मदद से चंदाना और बिंजाना में मिलावटी शराब सप्लाई की थी। विनोद पहले ही गिरफ्तार हो चुका है। चौरसिया ने बताया कि अजय ने इंदौर के दवा बाजार से अमन कासलीवाल की दुकान से केमिकल खरीदा। इसका इस्तेमाल शराब में मिलावट के लिए किया गया। मिलावटी शराब को बोतलों में भरकर इलाके में अवैध रूप से बेचा गया। पुलिस ने अमन कासलीवाल को भी हिरासत में लिया है। उस पर आरोप है कि उसने खरीदार के इस्तेमाल की जानकारी लिए बिना केमिकल बेचा। अमन के पिता और प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता आनंद जैन कासलीवाल ने भास्कर को बताया, हमने बाकायदा बिल देकर पेंट थिनर बेचा था। खरीदार उसके दुरुपयोग के लिए हमें कैसे जिम्मेदार ठहरा सकता है? पेंट थिनर की जरा सी मात्रा भी जानलेवा पुलिस के मुताबिक आरोपी ने एआई की मदद से घर में शराब बनाने का तरीका खोजा। इंदौर से केमिकल खरीदकर शराब बनाई। जानकारों के मुताबिक पेंट थिनर की थोड़ी सी मात्रा भी शरीर में जाने पर आंखों की रोशनी जा सकती है। लिवर और किडनी फेल हो सकते है। मस्तिष्क को स्थायी नुकसान पहुंच सकता है और मृत्यु हो सकती है। 5 बड़े सवाल, जिनके जवाब सामने आना जरूरी 1. जांच के लिए शराब के नमूने कहां से लिए गए थे?

2. क्या जांचे गए नमूने मृतकों द्वारा पी गई शराब के ही थे?

3. केमिकल से बनी शराब की सप्लाई कब से चल रही थी?

4. क्या जो सैंपल लिए, उस शराब में जहरीले पदार्थ की फॉरेंसिक पुष्टि हुई है?

5. 13 मौतों और मिलावटी शराब की सप्लाई के बीच संबंध के कौन से साक्ष्य मिले हैं?