समाचार · मध्य प्रदेश
दीपावली की रात अंधेरे में डूबा सराफा बाजार:उज्जैन में सड़क चौड़ीकरण के विरोध में व्यापारियों ने बंद कीं लाइटें; हाथों में लिए दीये
उज्जैन में दीपावली की रात जहां बाजार और घर रंग-बिरंगी रोशनी से जगमगा रहे थे, वहीं गोपाल मंदिर के पास सराफा बाजार में नजारा बिल्कुल अलग था। यहां रात 8:30 बजे व्यापारियों ने अपनी दुकानों की लाइटें बंद कर दीं और परिवार के सदस्यों के साथ दुकानों के बाहर हाथों में जलते दीये लेकर खड़े हो गए। रोशनी के पर्व पर व्यापारियों का यह विरोध प्रशासन का ध्यान सड़क चौड़ीकरण की ओर आकर्षित करने के लिए था। गोपाल मंदिर से महाकाल चौराहे तक प्रस्तावित सड़क चौड़ीकरण को लेकर सराफा क्षेत्र के दुकानदार पहले भी विरोध जता चुके हैं। व्यापारियों का कहना है कि चौड़ीकरण की जद में उनकी दुकानों और संपत्तियों का हिस्सा प्रभावित हो सकता है। इससे उनके कारोबार और आजीविका पर संकट खड़ा हो जाएगा। इसी आशंका को प्रतीकात्मक रूप देते हुए व्यापारियों ने दीपावली पर दुकानों की रोशनी बंद रखी और हाथों में दीये लेकर विरोध दर्ज कराया। क्या बोले व्यापारी? व्यापारी अशोक जैन ने कहा कि प्रशासन हमारे घरों को काला करने पर तुला हुआ है। पटनी बाजार और आसपास के क्षेत्र में दुकानों की गहराई पहले से ही कम है। ऐसे में चौड़ीकरण होने पर व्यापारी बर्बाद हो जाएंगे और उनके सड़क पर आने की नौबत बन सकती है। उन्होंने कहा कि यह विरोध इसलिए किया है, ताकि प्रशासन को समझ आए कि यदि उनकी मांगों पर ध्यान नहीं दिया गया तो आने वाली कई दीपावलियां भी उनके जीवन में अंधेरा लेकर आएंगी। व्यापारियों का विरोध नहीं रूकेगा व्यापारियों ने संकेत दिए कि उनका विरोध यहीं नहीं रुकेगा। अशोक जैन के मुताबिक, आगे भी विरोध के नए तरीके अपनाकर अपनी बात प्रशासन तक पहुंचाते रहेंगे। दीपावली की रात सराफा बाजार में दुकानों के बाहर जलते दीये और बंद लाइटें शहर की उत्सवी रोशनी के बीच व्यापारियों की चिंता और नाराजगी का संदेश दे रही थीं।