समाचार · मध्य प्रदेश
दमोह जिला अस्पताल में सफाईकर्मियों की हड़ताल:5 महीने से वेतन न मिलने पर काम बंद किया; कहा- अब घर चलाना हुआ मुश्किल
दमोह जिला अस्पताल के सफाई कर्मचारियों ने 5 महीने से वेतन न मिलने पर शुक्रवार रात से अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू कर दी है। कर्मचारियों ने अस्पताल परिसर में नारेबाजी करते हुए काम पूरी तरह बंद कर दिया है। 12 हजार फिक्स वेतन के बदले मिलते हैं 7 से 9 हजार रुपए प्रदर्शन कर रहीं महिला सफाई कर्मचारी मीनाक्षी, दयावती और नीतू ने बताया कि उनका तय मासिक वेतन 12,000 रुपए है। इसके बावजूद उन्हें हर महीने 7,000 से 9,000 रुपए के बीच ही भुगतान किया जाता है। 5 माह से मानदेय न मिलने से घर चलाना हुआ मुश्किल कर्मचारियों का कहना है कि लगातार 5 महीने से वेतन रुकने के कारण उनके सामने राशन और बच्चों की स्कूल फीस भरने का संकट खड़ा हो गया है। अधिकारियों को बार-बार शिकायत देने के बाद भी कोई स्थाई हल नहीं निकाला गया। अस्पताल प्रबंधन ने बजट की कमी को बताया वजह जिला अस्पताल के प्रबंधक डॉ. सुरेंद्र विक्रम सिंह ने माना कि बजट की कमी के चलते भुगतान रुका था। उन्होंने जानकारी दी कि कर्मचारियों को 1 महीने का वेतन जारी कर दिया गया है, लेकिन कर्मचारी पूरा बकाया मिलने तक हड़ताल पर अड़े हैं। सार्थक ऐप की अटेंडेंस से तय होता है कर्मचारियों का भुगतान अस्पताल प्रबंधक ने वेतन कटौती के आरोपों पर सफाई देते हुए कहा कि सफाईकर्मियों की हाजिरी 'सार्थक ऐप' से दर्ज होती है। शासन के नियमानुसार जिन कर्मचारियों की ऐप पर अटेंडेंस पूरी होती है, उन्हें ही पूरा वेतन दिया जाता है और बिल वेरिफाई करके सेडमैप को भेजे जाते हैं।