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पूर्व पार्षद की गिरफ्तारी से गरमाया DPS कॉलेज जमीन विवाद, नाका थाने पर वकीलों का प्रदर्शन

UP News: लखनऊ के आलमबाग स्थित डीपीएस कॉलेज परिसर में जमीन कब्जाने, तोड़फोड़ और मारपीट के चर्चित मामले में नामजद पूर्व पार्षद हर्षित दीक्षित को नाका पुलिस ने शुक्रवार देर रात गिरफ्तार कर लिया. गिरफ्तारी के विरोध में बड़ी संख्या में अधिवक्ता और समर्थक नाका थाने पहुंच गए, जिससे देर रात तक हंगामे और प्रदर्शन की स्थिति बनी रही.
जमीन कब्जाने और तोड़फोड़ का आरोप
पुलिस के अनुसार, मामला आर्यनगर स्थित डीपीएस कॉलेज परिसर में उपकार डायग्नोस्टिक सेवा संस्थान की जमीन से जुड़ा है. आरोप है कि हर्षित दीक्षित अपने समर्थकों के साथ जमीन पर कब्जा करने पहुंचे थे. इस दौरान परिसर में तोड़फोड़, पथराव और मारपीट की घटना हुई. घटना के बाद दर्ज एफआईआर में हर्षित दीक्षित को नामजद किया गया था और वह गिरफ्तारी से बच रहे थे.
पहले भी हो चुकी है आरोपियों की गिरफ्तारी
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि इस प्रकरण में मुख्य आरोपी अधिवक्ता अजीत कुमार समेत एक अन्य आरोपी को पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है. वहीं, अन्य फरार आरोपियों की तलाश लगातार जारी है. एफआईआर में यह भी आरोप लगाया गया है कि घटना के दौरान ट्रस्ट की अध्यक्ष मनीषा मिश्रा की बेटी और नाती के साथ मारपीट की गई, जबकि परिसर में जमकर पथराव और तोड़फोड़ भी हुई.
गिरफ्तारी के बाद थाने पर प्रदर्शन
पूर्व पार्षद की गिरफ्तारी की सूचना मिलते ही बड़ी संख्या में अधिवक्ता और समर्थक नाका थाने पहुंच गए. प्रदर्शनकारियों ने गिरफ्तारी का विरोध करते हुए थाने का घेराव किया, जिससे क्षेत्र में तनाव का माहौल बन गया. स्थिति को संभालने के लिए कई थानों की पुलिस मौके पर बुलानी पड़ी और अतिरिक्त सुरक्षा व्यवस्था की गई.
देर रात तक ट्रैफिक प्रभावित रहा
प्रदर्शन के कारण नाका चौराहे और आसपास के इलाकों में देर रात तक यातायात प्रभावित रहा. मौके पर पहुंचे एसीपी कैसरबाग ने प्रदर्शनकारियों से बातचीत कर उन्हें शांत कराया. इसके बाद पुलिस ने अतिरिक्त जवानों की मदद से यातायात व्यवस्था को धीरे-धीरे सामान्य कराया.
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