Tuesday, 11 August 2026
INTइंडियन न्यूज़ ट्रस्टजहाँ सत्य मिले विश्वास से
ताज़ा खबरें

समाचार · मध्य प्रदेश

हरदा में खदान का नाला टूटा, खेत में घुसा पानी:सोयाबीन डूबी तो मिट्टी भी बही, 2.5 लाख का नुकसान; किसान ने मांगा मुआवजा

INT News11 August 2026 at 02:58 pm

हरदा में मंगलवार को जिला पंचायत में आयोजित जनसुनवाई के दौरान एक किसान अपनी बर्बाद हुई सोयाबीन की फसल का मुआवजा मांगने पहुंचा। खिरकिया तहसील के सारसुद गांव निवासी किसान तेजराम बलाही का आरोप है कि पड़ोस में संचालित खदान से पानी की तेज निकासी के कारण उनके खेत में पानी भर गया, जिससे पूरी फसल बर्बाद हो गई। किसान के मुताबिक, इस नुकसान के बाद खेत की उपजाऊ मिट्टी भी बह गई और अब खेती करना मुश्किल हो गया है। तेजराम ने बताया कि 4 जुलाई को हुई तेज बारिश के दौरान ज्योति कंस्ट्रक्शन कंपनी की खदान के पास बने नाले की पाल टूट गई। नाले का पानी तेज बहाव के साथ उनके खेत में पहुंच गया। देखते ही देखते सोयाबीन की खड़ी फसल पानी में डूब गई। किसान ने नुकसान करीब 2 से 2.5 लाख रुपए बताया है। किसान का कहना है कि फसल खराब होने के बाद उन्होंने संबंधित खदान कंपनी से मुआवजे की मांग की, लेकिन उन्हें राहत नहीं मिली। अपनी शिकायत लेकर वह मंगलवार को पांचवीं बार जनसुनवाई में पहुंचे थे। यहां उन्होंने प्रशासन से नुकसान का आकलन कर मुआवजा दिलाने की मांग की। कलेक्टर के सामने रखी परेशानी जनसुनवाई में कलेक्टर सिद्धार्थ जैन के पहुंचने के बाद शिकायतकर्ताओं की संख्या बढ़ गई। कलेक्टर ने दोपहर करीब 12.30 बजे से शिकायतें सुनना शुरू किया और करीब सवा बजे तक लोगों की समस्याएं सुनीं। इसी दौरान तेजराम बलाही ने अपनी बर्बाद फसल और खेत की स्थिति की जानकारी कलेक्टर को दी। किसान ने बताया कि पानी के बहाव से खेत की मिट्टी तक बह गई है। जहां पहले फसल थी, वहां अब कई जगह पत्थर दिखाई दे रहे हैं। किसान का कहना था कि नुकसान के बाद दोबारा खेती करना भी उसके लिए चुनौती बन गया है। किसान की शिकायत सुनने के बाद कलेक्टर सिद्धार्थ जैन ने उसे मामले को सिविल कोर्ट में ले जाने की सलाह दी। हालांकि, प्रशासन की ओर से नाले और खेत से जुड़ी समस्या के समाधान के लिए संबंधित विभाग को निर्देश दिए गए हैं। खनिज विभाग ने कंपनी को दिया नोटिस मामले में खनिज अधिकारी प्रगति सोनवाने ने बताया कि संबंधित कंपनी को नोटिस जारी किया गया है। कंपनी को खेत के पास बने नाले की बाउंड्री वॉल बनाने और खेत में मिट्टी डालने के निर्देश दिए गए हैं। अधिकारी के अनुसार, बारिश का दौर थमने के बाद नाले के पास बाउंड्री वॉल का निर्माण कराया जाएगा, ताकि दोबारा पानी खेत में न पहुंचे और किसान को परेशानी न हो। कलेक्टर के आने से पहले कम शिकायतें, बाद में लगी कतार जनसुनवाई में कलेक्टर के पहुंचने से पहले एडीएम पुरुषोत्तम कुमार और जिला पंचायत के एडिशनल सीईओ प्रवीण कुमार इवने लोगों की शिकायतें सुन रहे थे। करीब दो घंटे में कुछ ही शिकायतकर्ता पहुंचे थे। लेकिन दोपहर 12.30 बजे के बाद कलेक्टर के पहुंचते ही जिला पंचायत में शिकायतकर्ताओं की लंबी कतार लग गई। जनसुनवाई में स्मार्ट मीटर, जमीन विवाद, पारिवारिक विवाद, सड़क और नाली की समस्या के साथ पट्टे से संबंधित शिकायतें भी सामने आईं। किसान तेजराम के मामले ने बारिश के दौरान खदानों से निकलने वाले पानी की निकासी और आसपास के खेतों की सुरक्षा को लेकर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। अब देखना होगा कि कंपनी द्वारा नाले की बाउंड्री वॉल और खेत में मिट्टी भरने की कार्रवाई कब तक पूरी की जाती है और किसान को फसल के नुकसान का मुआवजा मिल पाता है या नहीं।