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छठ-दिवाली पर घर आने को तरस रहे प्रवासी, गोपालगंज से दिल्ली-मुंबई-कोलकाता के लिए स्पेशल ट्रेन चलाने की मांग

Thawe Junction Chhath Diwali Special Trains Gopalganj : दीपावली और लोक आस्था के महापर्व छठ को लेकर थावे जंक्शन से दिल्ली, मुंबई और कोलकाता जैसे बड़े महानगरों के लिए सीधी ट्रेन चलाने की मांग फिर तेज हो गयी है. त्योहार नजदीक आते ही दूसरे राज्यों में रहने वाले प्रवासी मजदूरों, छात्रों और नौकरीपेशा लोगों को घर लौटने की चिंता सताने लगी है.
थावे से लंबी दूरी की सीधी ट्रेनें नहीं होने के कारण यात्रियों को सीवान, गोरखपुर या छपरा जाकर ट्रेन पकड़नी पड़ती है. ऐसे में स्थानीय लोगों ने रेलवे से त्योहारों के दौरान विशेष ट्रेनें चलाने और लंबी दूरी की नियमित रेल सेवा शुरू करने की मांग की है.
सीधी ट्रेन नहीं, दूसरे स्टेशनों का चक्कर लगाने की मजबूरी
दीपावली और छठ के मौके पर गोपालगंज जिले के हजारों लोग दिल्ली, मुंबई, कोलकाता, सूरत, अहमदाबाद, लुधियाना, चेन्नई और बेंगलुरु जैसे शहरों से घर लौटते हैं. थावे जंक्शन से इन शहरों के लिए सीधी ट्रेन नहीं होने के कारण यात्रियों को दूसरे स्टेशनों का रुख करना पड़ता है. त्योहारों के दौरान सीवान, गोरखपुर और छपरा जैसे स्टेशनों पर भीड़ बढ़ने से उनकी परेशानी और बढ़ जाती है. कंफर्म टिकट नहीं मिलने के कारण कई यात्रियों को अपनी यात्रा की योजना बदलनी पड़ती है.
दो महीने पहले बुकिंग के बाद भी नहीं मिलता कंफर्म टिकट
दिल्ली की एक निजी कंपनी में काम करने वाले यात्री ने बताया कि छठ में घर आने के लिए दो महीने पहले ही टिकट बुक कराना पड़ता है. इसके बावजूद कई बार वेटिंग टिकट मिलता है. तत्काल टिकट हासिल करना भी मुश्किल होता है. ऐसे में मजबूरी में अधिक किराया देकर बस से सफर करना पड़ता है या जनरल बोगी में भारी भीड़ के बीच यात्रा करनी पड़ती है. छोटे बच्चों और बुजुर्गों के साथ सफर करना और भी कठिन हो जाता है.
मुंबई में काम करने वाले राघव मिश्र ने बताया कि छठ में घर आने के लिए कई बार तीन से चार हजार रुपये अतिरिक्त खर्च करने पड़ते हैं. इसके बाद भी टिकट की व्यवस्था नहीं हो पाती. टिकट नहीं मिलने के कारण कई बार छठ जैसे महापर्व पर भी घर लौटना मुश्किल हो जाता है. यात्रियों का कहना है कि थावे जंक्शन से दिल्ली और मुंबई के लिए विशेष ट्रेनें चलायी जाएं, तो हजारों लोगों को राहत मिलेगी.
स्टेशन पर सुविधाएं बढ़ीं, लेकिन लंबी दूरी की ट्रेनें अब भी नहीं
थावे जंक्शन गोपालगंज जिले का प्रमुख रेलवे स्टेशन है. यहां मां थावेवाली के प्रसिद्ध शक्तिपीठ के कारण साल भर श्रद्धालुओं का आना-जाना लगा रहता है. गोपालगंज के अलावा आसपास के जिलों के यात्री भी इस स्टेशन से सफर करते हैं. इसके बावजूद यहां से लंबी दूरी की ट्रेनों का परिचालन नहीं होता है. फिलहाल थावे से छपरा, गोरखपुर, सीवान और पाटलिपुत्र के लिए ट्रेनें उपलब्ध हैं.
पिछले वर्ष थावे जंक्शन का पुनर्विकास किया गया था. यहां नये प्लेटफॉर्म और फुट ओवरब्रिज का निर्माण हुआ तथा यात्री सुविधाओं में भी बढ़ोतरी की गयी. हालांकि, लंबी दूरी की ट्रेनों की कमी अब भी यात्रियों के लिए परेशानी बनी हुई है. स्थानीय लोगों का सवाल है कि जब स्टेशन पर सुविधाएं बढ़ायी गयी हैं, तो दिल्ली, मुंबई और कोलकाता जैसे महानगरों के लिए सीधी ट्रेनें क्यों नहीं शुरू की जा रही हैं.
सांसद और विधायकों से हस्तक्षेप की मांग
स्थानीय लोगों ने गोपालगंज के सांसद और विधायकों से इस मामले में हस्तक्षेप करने की मांग की है. उनका कहना है कि थावे जंक्शन से लंबी दूरी की ट्रेनें चलाने की मांग लंबे समय से उठ रही है. दीपावली और छठ के दौरान यात्रियों की बढ़ती भीड़ को देखते हुए रेलवे को विशेष ट्रेनें चलाने के साथ-साथ नियमित लंबी दूरी की रेल सेवाएं शुरू करने पर भी विचार करना चाहिए.
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