समाचार · मध्य प्रदेश
रीवा में जगह-जगह विराजे गणपति बप्पा:अमहिया के राजा के दरबार में खास उत्साह, इको-फ्रेंडली प्रतिमाओं को प्राथमिकता दे रहे लोग
रीवा में सोमवार को गणेश चतुर्थी पर शहर गणपति बप्पा की भक्ति में रंग गया। सुबह से घरों और पंडालों में गणेश प्रतिमाओं की स्थापना शुरू हो गई। ढोल-नगाड़ों और ‘गणपति बप्पा मोरया’ के जयकारों के बीच भक्तों ने बप्पा का स्वागत किया। शहर के शिल्पी कॉलोनी, धोबिया टंकी, सिरमौर चौराहा, शिल्पी प्लाजा और नेहरू नगर सहित कई इलाकों में गणेश पंडाल सजाए गए हैं। समितियों ने आकर्षक सजावट और अलग-अलग थीम पर पंडाल तैयार किए हैं। अमहिया के राजा का दरबार बना आकर्षण रीवा के गणेश उत्सव में अमहिया के राजा का खास आकर्षण रहता है। गणेश चतुर्थी पर अमहिया में प्रतिमा स्थापना के साथ ही दरबार भक्तों के लिए खोल दिया गया। यहां दर्शन के लिए शहर के अलग-अलग हिस्सों से श्रद्धालु पहुंच रहे हैं। समिति ने पहले से ही पंडाल और दर्शन की व्यवस्था तैयार कर ली थी। सोशल मीडिया पर भी अमहिया के राजा की स्थापना को लेकर पोस्ट और वीडियो सामने आए हैं। घर-घर विराजे गणपति सार्वजनिक पंडालों के साथ बड़ी संख्या में लोगों ने घरों में भी गणेश प्रतिमाएं स्थापित कीं। सुबह बाजारों में पूजा सामग्री, फूल, माला, मोदक और सजावट का सामान खरीदने के लिए भीड़ रही। कई परिवार ढोल-नगाड़ों के साथ प्रतिमा लेकर घर पहुंचे और विधि-विधान से स्थापना की। इस बार मिट्टी और प्राकृतिक रंगों से बनी गणेश प्रतिमाओं की मांग भी देखने को मिली। लोग पर्यावरण को ध्यान में रखते हुए इको-फ्रेंडली प्रतिमाओं को प्राथमिकता दे रहे हैं। 25 सितंबर को अनंत चतुर्दशी पर होगा समापन सोमवार से 10 दिवसीय गणेश उत्सव शुरू हो गया है। अलग-अलग समितियां अपनी परंपरा के अनुसार पूजा और कार्यक्रम आयोजित करेंगी। कई पंडालों में सुबह-शाम आरती, भजन और प्रसाद वितरण होगा। उत्सव का समापन 25 सितंबर को अनंत चतुर्दशी पर होगा। अगले 10 दिनों तक रीवा में जगह-जगह गणपति बप्पा की भक्ति का माहौल रहेगा। अमहिया के राजा के दरबार में आने वाले दिनों में श्रद्धालुओं की भीड़ बढ़ने की उम्मीद है।