Wednesday, 4 November 2026
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नारनौल में चोरी के आरोपी की गिरफ्तारी अवैध:कोर्ट ने तुरंत रिहाई के दिए आदेश, पुलिस ने बिना नोटिस दिए किया था गिरफ्तार

INT News4 November 2026 at 05:40 pm

हरियाणा के महेंद्रगढ़ जिले में चोरी के एक मामले में गिरफ्तार युवक को अदालत ने पुलिस हिरासत से तुरंत रिहा करने के आदेश दिए हैं। अदालत ने आरोपी की गिरफ्तारी को अवैध करार देते हुए कहा कि पुलिस ने गिरफ्तारी से पहले भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस) की धारा 35(3) के तहत अनिवार्य नोटिस की प्रक्रिया का पालन नहीं किया। मामला निजामपुर थाना क्षेत्र का है। अदालत के इस आदेश से पुलिस की गिरफ्तारी प्रक्रिया पर सवाल खड़े हुए हैं। निजामपुर थाना पुलिस ने एफआईआर नंबर 89 दिनांक 2 नवंबर के तहत भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 303(2) में ताजीपुर निवासी नवीन को गिरफ्तार किया था। पुलिस ने आरोपी को ड्यूटी मजिस्ट्रेट के समक्ष पेश कर दो दिन का पुलिस रिमांड मांगा था। इस दौरान आरोपी की ओर से वकील राकेश कौशिक व यश गोयल ने अदालत में पक्ष रखते हुए बताया कि पुलिस ने गिरफ्तारी से पहले बीएनएसएस की धारा 35(3) के तहत नोटिस नहीं दिया। सुप्रीम कोर्ट के फैसले का दिया हवाला नारनौल के न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी गौरव की अदालत ने मामले के दस्तावेजों और पुलिस के जवाब का अवलोकन किया। जांच अधिकारी हेड कांस्टेबल रणबीर सिंह ने अदालत में स्वीकार किया कि आरोपी को धारा 35(3) के तहत नोटिस तामील नहीं कराया गया था। अदालत ने सुप्रीम कोर्ट के फैसले सतेंद्र कुमार अंतिल बनाम सीबीआई (2026 INSC 115) का हवाला देते हुए कहा कि सात साल तक की सजा वाले अपराधों में आरोपी को निर्धारित प्रक्रिया के तहत नोटिस देना अनिवार्य है। इस मामले में अधिकतम सजा तीन साल होने के बावजूद पुलिस ने इसका पालन नहीं किया। पुलिस जांच जारी रख सकेगी अदालत ने 3 नवंबर 2026 को दिए आदेश में नवीन की गिरफ्तारी को अवैध घोषित करते हुए उसे तत्काल पुलिस हिरासत से रिहा करने के निर्देश दिए। हालांकि अदालत ने स्पष्ट किया कि गिरफ्तारी में अवैधता के आधार पर रिहाई होने से जांच समाप्त नहीं होती और पुलिस कानून के अनुसार आगे की कार्रवाई कर सकती है। अदालत ने आदेश की प्रति पुलिस अधीक्षक महेंद्रगढ़ को भी सूचना के लिए भेजने के निर्देश दिए हैं।