Tuesday, 14 July 2026
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कलेक्ट्रेट जनसुनवाई में पीड़ितों का प्रदर्शन:शिकायत करने लोट लगाते पहुंचे, सरकार पर लापरवाही का आरोप

INT News14 July 2026 at 05:48 pm

नीमच जिला मुख्यालय पर आयोजित साप्ताहिक जनसुनवाई में प्रशासनिक लापरवाही और सिस्टम की बेरुखी से परेशान जनता का आक्रोश देखने को मिला। अपनी मांगों को लेकर कई लोग रोते-बिलखते और जमीन पर लोटते हुए अधिकारियों के पास पहुंचे, जिससे कलेक्ट्रेट कार्यालय परिसर में गहमागहमी का माहौल बन गया। जावद तहसील के ग्राम लासूर धामनिया की एक महिला ने अपनी आपबीती सुनाते हुए बताया कि मुकेश बारेट नामक व्यक्ति ने अपनी पहली शादी छिपाकर उससे कोर्ट मैरिज की। अब वह उसे मारपीट कर घर से निकाल दिया है, जिसके कारण महिला मंदिर में रहने को मजबूर है। महिला ने आरोप लगाया कि सरवानिया पुलिस चौकी में उसकी सुनवाई नहीं हुई। इसी तरह, चीताखेड़ा की रहने वाली पैर से लाचार दिव्यांग बुजुर्ग महिला कला बाई गायरी भी जमीन पर लोटते हुए कलेक्ट्रेट पहुंचीं। उन्होंने आरोप लगाया कि उनके पुश्तैनी पट्टे पर प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत मकान बन रहा है। सरकारी ड्रोन सर्वे की लापरवाही के कारण ऑनलाइन नक्शे में उनका मकान किसी दूसरे व्यक्ति के नाम दर्ज हो गया है, जिसका फायदा उठाकर दबंग लोग उनका निर्माण कार्य रुकवा रहे हैं। दोनों ही मामलों में नायब तहसीलदार ने तुरंत हस्तक्षेप किया और महिलाओं को उचित जांच का आश्वासन दिया। इसके अलावा मनासा क्षेत्र से भी दो बड़े मामले सामने आए। ग्राम चुकनी के पाटीदार समाज के 40 से अधिक लोगों ने जनसुनवाई में शिकायत की कि समाज के ही कुछ लोग सर्वे नंबर 132 की करीब 2 करोड़ रुपये की कीमती सामाजिक जमीन पर अवैध कब्जा और मनमर्जी से निर्माण कर रहे हैं। समाज से लाखों की वसूली की गई पर कोई हिसाब नहीं दिया गया। इस मामले में पुलिस का समझौता फॉर्मूला भी फेल हो गया क्योंकि समाज के 61 सदस्यों ने लिखित समझौते पर साइन करने से साफ मना कर दिया। वहीं, ग्राम मोया के ग्रामीणों ने विकास के दावों की पोल खोलते हुए आरोप लगाया कि गांव की गंदगी, कीचड़ और जर्जर सड़कों की समस्या को लेकर की गई सीएम हेल्पलाइन की शिकायतों का अधिकारियों ने बिना काम किए ही कागजों पर गलत निराकरण (फॉल्स डिस्पोजल) कर दिया। अब सच दबाने के लिए ग्रामीणों और उनके परिवारों पर शिकायतें वापस लेने का मानसिक दबाव बनाया जा रहा है। कलेक्ट्रेट के वरिष्ठ अधिकारियों ने सभी मामलों के आवेदन लेकर संबंधित विभागों को त्वरित व निष्पक्ष जांच के कड़े निर्देश दिए हैं।