समाचार · मध्य प्रदेश
पुराना बस स्टैंड बंद होने के विरोध में पैदल मार्च:लोग बोले-200 व्यापारियों की आजीविका प्रभावित; पूर्व विधायक के साथ कलेक्ट्रेट पहुंचकर आवेदन दिया
पुराने बस स्टैंड को बंद किए जाने के विरोध में शुक्रवार दोपहर करीब 2 बजे पूर्व विधायक पंडित केदारनाथ शुक्ला के नेतृत्व में सैकड़ों लोगों ने पैदल मार्च निकाला। प्रदर्शनकारी कलेक्ट्रेट पहुंचकर कलेक्टर विकास मिश्रा को आवेदन सौंपकर पुराने बस स्टैंड की व्यवस्था तत्काल बहाल करने की मांग की। जाम से राहत के लिए बंद किया गया बस स्टैंड प्रशासन के अनुसार, शहर के बीच स्थित पुराने बस स्टैंड को यातायात व्यवस्था सुधारने और जाम की समस्या दूर करने के उद्देश्य से बंद किया गया है। यहां बसों के संचालन के कारण अक्सर जाम लगता था, जिससे लोगों को परेशानी होती थी। वहीं, स्थानीय लोगों और जनप्रतिनिधियों का कहना है कि बस स्टैंड बंद करने से पहले वैकल्पिक व्यवस्था की जानी चाहिए थी। उनका तर्क है कि पहले प्रभावित लोगों के लिए दूसरी व्यवस्था होनी चाहिए, उसके बाद ही इस तरह का कदम उठाया जाना चाहिए। रोजगार और यात्रियों की सुविधा का मुद्दा उठाया प्रदर्शनकारियों के मुताबिक, पुराने बस स्टैंड से करीब 200 लोगों की आजीविका जुड़ी हुई है। उनका कहना है कि इसे बंद करने से दुकानदारों और छोटे कारोबारियों के रोजगार पर असर पड़ सकता है। लोगों ने यह भी कहा कि बड़वास और सिंगरौली की ओर जाने वाली बसों के यात्रियों के लिए पुराना बस स्टैंड सुविधाजनक स्थान है। उनके अनुसार, शहर के बीच स्थित होने के कारण यहां से बड़ी संख्या में यात्री बसों में सवार होते हैं। ऐसे में बस स्टैंड बंद होने से यात्रियों को परेशानी हो सकती है। प्रशासन अधिकारियों के साथ बैठक करेगा पूर्व विधायक पंडित केदारनाथ शुक्ला ने बताया कि कलेक्टर से मुलाकात के दौरान उन्होंने शहर की व्यवस्था को बेहतर बनाने की जरूरत पर अपनी बात रखी। कलेक्टर विकास मिश्रा ने कहा कि पुराने बस स्टैंड को बंद करने की पहल यातायात व्यवस्था सुधारने और जाम की समस्या दूर करने के लिए की गई थी। शहर में अंतरराज्यीय बस स्टैंड बनने के बाद बसों का संचालन वहीं से करने की योजना है। कलेक्टर के मुताबिक, विरोध कर रहे लोगों की बातों को ध्यान में रखते हुए नगर पालिका, यातायात और राजस्व विभाग के अधिकारियों के साथ बैठक की जाएगी। इसके बाद सभी पहलुओं पर विचार कर उचित निर्णय लिया जाएगा।