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झारखंड: 1,576 होटल, मैरिज हॉल और ढाबे रडार पर, घरेलू गैस सिलेंडर के इस्तेमाल पर कार्रवाई की मांग

रांची. झारखंड प्रदेश के विभिन्न शहरों जैसे रांची, धनबाद, पलामू, पूर्वी सिंहभूम, गढ़वा, गिरिडीह, जमशेदपुर, सरायकेला, हजारीबाग और पश्चिमी सिंहभूम में स्थित शादी हॉल, मैरिज लॉन, होटल, कैफे, ढाबों और कैटरिंग किचनों में घरेलू एलपीजी (LPG) सिलेंडरों का खुलेआम अवैध प्रयोग किया जा रहा है. खाद्य आपूर्ति विभाग के नियमों के इस गंभीर उल्लंघन और सार्वजनिक सुरक्षा के खतरे को देखते हुए ग्राहक दक्षता कल्याण फाउंडेशन' ने झारखंड प्रदेश सरकार के खाद्य सार्वजनिक वितरण एवं उपभोक्ता मामलों विभाग, पेट्रोलियम मंत्रालय और रांची जिला प्रशासन का ध्यान आकर्षित करते हुए सख्त कार्रवाई की मांग की है.
फाउंडेशन के कार्यकर्ताओं द्वारा जमीनी स्तर पर किए गए सर्वेक्षण के आधार पर 1,576 व्यावसायिक प्रतिष्ठानों की एक गोपनीय रिपोर्ट तैयार कर सरकार को सौंपी गई है. संस्था ने मुख्य रूप से तीन प्रमुख मांगों एवं मुद्दों को रेखांकित किया है:
व्यावसायिक स्थलों पर घरेलू सिलेंडरों के अवैध उपयोग पर कड़ाई से रोक
व्यावसायिक स्थलों पर घरेलू सिलेंडर का उपयोग 'एलपीजी कंट्रोल ऑर्डर, 2000' तथा 'आवश्यक वस्तु अधिनियम, 1955' के तहत एक दंडनीय अपराध है. घरेलू और व्यावसायिक सिलेंडरों के प्रेशर (दबाव) में अंतर होने के कारण ऐसे उपयोग से विस्फोट और भीषण आग का खतरा बना रहता है, जिस पर बीमा क्लेम भी नहीं मिलता.
अनिवार्य बोर्ड (फलक): संस्था ने मांग की है कि हर लॉन, हॉल और कैटरिंग किचन के प्रवेश द्वार पर स्पष्ट रूप से बोर्ड लगाया जाए— "यहां सिर्फ व्यावसायिक गैस सिलेंडर ही इस्तेमाल होंगे. घरेलू गैस सिलेंडर का इस्तेमाल कानूनन अपराध है." अकस्मात निरीक्षण एवं सख्त कार्रवाई:आपूर्ति विभाग तुरंत उड़न दस्तों का गठन कर समय-समय पर छापेमारी करे और नियम तोड़ने वालों के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई करे.
2. 'भाई आया रे गैस सिलेंडर' सुरक्षा गीत के माध्यम से जनजागरूकता
गैस सिलेंडरों से होने वाले हादसों को रोकने और आम जनता में सुरक्षा मानकों (वजन जांच, सील जांच आदि) के प्रति जागरूकता फैलाने के लिए फाउंडेशन द्वारा 'भाई आया रे गैस सिलेंडर' नामक एक विशेष सुरक्षा गीत तैयार किया गया है.
इस गीत का औपचारिक विमोचन 9 अप्रैल 2026 को पद्मश्री डॉ. विलास डांगरे के शुभ हाथों संपन्न हुआ था.
प्रशासनिक निर्देश की मांग: संस्था ने प्रशासन से आग्रह किया है कि आम नागरिकों की सुरक्षा हेतु सरकारी एवं निजी गैस वितरण (डिलीवरी) वाहनों के साउंड सिस्टम पर इस गीत को अनिवार्य रूप से बजाने का निर्देश जारी किया जाए. यह गीत यूट्यूब और अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर डाउनलोड के लिए उपलब्ध है.
3. प्रशासन की निष्क्रियता पर चिंता और त्वरित कार्रवाई का आग्रह
फाउंडेशन ने चिंता जताई है कि पूर्व में प्रेषित पत्रों के बावजूद झारखंड प्रदेश सरकार और रांची जिला प्रशासन की ओर से अब तक इस संवेदनशील मुद्दे पर कोई ठोस संज्ञान नहीं लिया गया है, जबकि व्यावसायिक स्थलों पर घरेलू सिलेंडरों का प्रयोग निर्बाध जारी है.
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"झारखंड प्रदेश में कमर्शियल जगहों पर घरेलू एलपीजी सिलेंडरों का इस्तेमाल आम जनता की जान-माल के साथ बड़ा खिलवाड़ है. हमारे कार्यकर्ताओं ने 1,576 प्रतिष्ठानों की गोपनीय सूची झारखंड प्रदेश सरकार के खाद्य,सार्वजानिक वितरण एवं उपभोक्ता मामले विभाग. तथा पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय (नई दिल्ली) को सौंपी है. हमारी मांग है कि विभाग तुरंत उड़न दस्तों का गठन कर छापेमारी करे और सख्त कानूनी कार्रवाई करे." — नितीन सोलंके, राष्ट्रीय अध्यक्ष, ग्राहक दक्षता कल्याण फाउंडेशन
जनहित और ग्राहक सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए 'ग्राहक दक्षता कल्याण फाउंडेशन' के कार्यकारी संचालक शुभम रंगारी,संदीप गुप्ता और सुमित चव्हाण ने सरकार से अपील की है कि इन तीनों मुद्दों पर त्वरित और सकारात्मक फैसला लेकर आवश्यक आदेश जारी किए जाएं.
अपील जनहित एवं ग्राहक सुरक्षा के इस जनसेवा अभियान में हमारा साथ दें. आप हमारी वेबसाइट से जुड़कर कंधे से कंधा मिलाकर आम नागरिकों के अधिकारों की रक्षा, उपभोक्ता जागरूकता और जनहित के कार्यों में सहभागी बन सकते हैं.
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