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कॉकरोच पार्टी पूर्व प्रवक्ता विजेता दहिया के साथ मारपीट:प्रेमानंद महाराज पर टिप्पणी करने से लेकर बर्गर खाने का विवाद; अभिजीत ने भी कचौरी खाई थी
प्रेमानंद महाराज पर की गई विवादित टिप्पणी से शुरू हुआ कॉकरोच पार्टी के पूर्व प्रवक्ता विजेता दहिया का विवाद लगातार गहराता जा रहा है। जहां विवाद के बीच विजेता दहिया के साथ एक मॉल में मारपीट की गई। जिसका वीडियो वायरल हो रहा है। पहले उनके प्रेमानंद महाराज को लेकर दिए गए बयान और बर्गर खाने के बाद रात को एक मॉल में होने को लेकर दो युवकों ने गंदी गालियों के साथ विजेता के साथ मारपीट की। कुछ युवक विजेता दहिया से कथित तौर पर धक्का-मुक्की और मारपीट करते हुए उनसे प्रेमानंद महाराज पर दिए गए बयान और आंदोलन से दूरी को लेकर सवाल पूछते दिखाई दे रहे हैं। इस पूरे घटनाक्रम के बाद से बातचीत में विजेता दहिया ने प्रेमानंद महाराज पर दिए अपने बयान, बर्गर विवाद, वायरल मारपीट के वीडियो और पार्टी से हटाए जाने सहित पूरे मामले पर अपना पक्ष रखा।
सबसे पहले पढ़िए.. प्रेमानंद महाराज को लेकर वीडियो में क्या कहा… प्रेमानंद महाराज पर टिप्पणी की: पहले विजेता दहिया ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो जारी कर प्रेमानंद महाराज को लेकर विवादित टिप्पणी की थी। उन्होंने कहा था, “मनुवादियों, तुम आतंकी हो। 6 जून को भी तुम मेरे पीछे पड़े थे और आज भी दो लोगों ने मेरे साथ हाथापाई करने की कोशिश की।” ‘मैं लड़ाकू नहीं, सुरक्षा देना पुलिस का काम’:वीडियो में विजेता दहिया ने कहा कि वह कोई 6 फुट का बॉडीबिल्डर नहीं हैं जो चार लोगों से लड़ सकें। उन्होंने कहा, "मुझे लड़ना पसंद नहीं है। हम लोकतांत्रिक देश में रहते हैं और लोगों की सुरक्षा करना पुलिस की जिम्मेदारी है।"
प्रेमानंद महाराज और आसाराम को लेकर जताई आपत्ति
विजेता दहिया ने वीडियो में कहा कि उनके लिए प्रेमानंद महाराज, महाराज नहीं हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रेमानंद महाराज ने आसाराम की तुलना भगवान राम और श्रीकृष्ण से की थी, जिसे उन्होंने गलत बताया। इसी बात का विरोध करने की बात भी उन्होंने कही।
‘मार दो, फिर भी महाराज नहीं कहूंगा’: भावुक और गुस्से में नजर आए विजेता दहिया ने कहा, "तुम मुझे मार लो, जान से भी मार दो, लेकिन मैं प्रेमानंद को महाराज नहीं कहूंगा। यह मेरी फ्रीडम ऑफ स्पीच है। अगर तुम उन्हें भगवान मानते हो तो मानो, लेकिन मैं नहीं मानता।"
‘गुंडागर्दी स्वीकार नहीं’: वीडियो के अंत में विजेता दहिया ने कहा कि वह किसी की गुंडागर्दी स्वीकार नहीं करेंगे। उन्होंने दोहराया कि चाहे उन्हें जान से मार दिया जाए, फिर भी वह अपने विचार बदलने वाले नहीं हैं।
पूर्व प्रवक्ता विजेता दहिया के साथ कथित मारपीट का वीडियो वायरल
कॉकरोच पार्टी के पूर्व प्रवक्ता विजेता दहिया का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में उनके साथ कथित धक्का-मुक्की और मारपीट होती दिखाई दे रही है। यह वीडियो सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बना हुआ है। सागर पाराशर हिंदू नाम के अकाउंट से वीडियो अपलोड:सोशल मीडिया पर 'सागर पाराशर हिंदू' नाम के अकाउंट से यह वीडियो अपलोड की गई है। इसी अकाउंट पर प्रेमानंद महाराज के समर्थन और कॉकरोच पार्टी को लेकर भी लगातार पोस्ट और वीडियो साझा किए जा रहे हैं। विजेता दहिया की पहले वायरल हुई बर्गर खाने वाली वीडियो के बाद यह विवाद और बढ़ता नजर आ रहा है। रेस्टोरेंट में पहुंचे विजेता दहिया, युवकों ने किए सवाल:वायरल वीडियो में विजेता दहिया एक रेस्टोरेंट में नजर आ रहे हैं। इस दौरान दो युवक उनके पास पहुंचते हैं और कथित रूप से गाली-गलौज करते हुए कहते हैं कि "यह कॉकरोच पार्टी के बनते हैं।" युवक उन्हें ठेकेदार बताते हुए कहते हैं कि रात के 12 बजे हैं और इसी दौरान उनके साथ धक्का-मुक्की भी होती दिखाई देती है। ‘स्टूडेंट मार खा रहे हैं और तू यहां घूम रहा है’:वीडियो में दोनों युवक कहते हैं कि स्टूडेंट इनके चक्कर में मार खा रहे हैं और तू यहां घूम रहा है। एक युवक पूछता है, "अब बता तेरी ममता कहां गई?" वह आगे कहता है, “अगर तू उनको अपना मानता है तो वहां पर क्यों नहीं है?” विजेता बोले- मैं वहीं जा रहा हूं:दोनों युवकों के सवालों पर विजेता दहिया जवाब देते हैं कि "मैं वहीं पर जा रहा हूं।" इस पर युवक बार-बार पूछता है कि "तू यहां पर क्या कर रहा है?" धक्का देते हुए एक युवक कहता है कि "अगर वे तेरे अपने होते और तेरे अंदर ममता होती तो तू यहां नहीं, प्रदर्शन में होता।"
‘तुमने मेरे भगवान को गाली दी’: वीडियो में एक युवक कहता है, "अगर मैं तुम्हारी मां को गाली दूंगा तो तुम्हें गुस्सा आएगा या नहीं?" इस पर विजेता दहिया जवाब देते हैं, "मैंने कोई गाली नहीं दी।" युवक इसके जवाब में कहता है, “तुमने मेरे भगवान को गाली दी।” ‘तुम्हारे कहने पर लोगों ने डंडे खाए’: युवक आगे कहते हैं कि "तुम्हारे कहने पर लोगों ने डंडे खाए, वहां बच्चे बारिश में भीग रहे हैं और तुम यहां मॉल में एसी की हवा खा रहे हो।" वहीं दूसरा युवक कहता है कि "सोनम वांगचुक तो नहीं हटे, मैं भी नहीं जाता, लेकिन विजेता बार-बार साइड हट रहा है।"
‘मैं 48 घंटे से वहीं था’: इन आरोपों पर विजेता दहिया कहते हैं, "मैं 48 घंटे से वहीं पर हूं।" हालांकि युवक इसका विरोध करते हुए कहते हैं कि "यह बंदा आज पूरा दिन गायब था। जिस दिन मुद्दे की बात आई, उसी दिन यह गायब हो गया।" अब दोनों विवाद को लेकर विजेता दहिया ने क्या कहा.. बातचीत में सुनाई पूरी घटना से बातचीत करते हुए विजेता दहिया ने बताया कि सोमवार को जंतर-मंतर से वापस आने के दौरान उनके साथ मारपीट हुई। उन्होंने कहा कि रात के समय वह एक मॉल में टॉयलेट इस्तेमाल करने के लिए रुके थे। इसी दौरान पहले एक युवक उनसे सामान्य तरीके से बातचीत करने लगा, लेकिन कुछ देर बाद वह गाली-गलौज करने लगा। इसके बाद उसके साथ मौजूद अन्य युवक ने भी धक्का-मुक्की और मारपीट शुरू कर दी। ‘प्रेमानंद को लेकर विरोध जताने पर हमला हुआ’ विजेता दहिया ने बताया कि मारपीट करने वाले युवक ने उनसे कहा कि "तूने प्रेमानंद को लेकर गाली दी है, वह हमारे पिता के समान हैं।" इस पर उन्होंने जवाब दिया कि “अगर प्रेमानंद गलत बोलेंगे तो मैं उनका विरोध करूंगा। मैंने केवल इतना ही कहा था कि अगर तूने उन्हें महाराज मानना है तो मान ले, लेकिन मैं उन्हें महाराज नहीं मानूंगा।” बर्गर विवाद पर भी रखी अपनी बात बर्गर खाने की वायरल वीडियो पर विजेता दहिया ने कहा कि “कचौरी खाने की वीडियो तो अभिजीत की भी आई थी और मैं खुद उसे बचाता आया हूं। उस मामले में अभिजीत इन लोगों के सामने झुकता जा रहा है। जब कचौरी खाने की वीडियो भाजपा ने खूब वायरल की थी, उस समय मैं ही उसका बचाव कर रहा था।” ‘फिलहाल सीजेपी का सदस्य हूं, व्यक्तिगत रूप से समर्थन जारी रहेगा’ अपने राजनीतिक रुख को लेकर विजेता दहिया ने कहा कि फिलहाल वह सीजेपी के सदस्य हैं और अपनी व्यक्तिगत क्षमता में आंदोलन का समर्थन करते रहेंगे। उन्होंने बताया कि उन्हें अभिजीत आशुतोष का फोन आया था, जिसमें उन्हें पार्टी के प्रवक्ता पद से हटाए जाने की जानकारी दी गई। 'बिना नौकरी और पैसे के आंदोलन में काम किया'
विजेता दहिया का कहना है कि वह लगातार इस आंदोलन से जुड़े हुए हैं और बिना किसी नौकरी या आर्थिक लाभ के काम कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि आंदोलन के कारण उन्होंने अपने कई ऐसे प्रोजेक्ट भी छोड़ दिए, जिनसे उनकी आय होती थी। उनका कहना है कि यह एक अच्छा आंदोलन है और इसे मजबूत करने के लिए उन्होंने अपनी पूरी ताकत लगाई। ‘सारा खर्च अपनी जेब से किया’ विजेता दहिया ने दावा किया कि आंदोलन के दौरान अब तक जो भी खर्च हुआ है, वह उन्होंने अपनी जेब से किया है। उन्होंने कहा कि उन्होंने किसी से कोई आर्थिक मदद नहीं ली और न ही किसी से पैसे लिए हैं। ‘पुलिस में शिकायत देने का कोई फायदा नहीं’ मारपीट की घटना पर पुलिस में शिकायत दर्ज कराने के सवाल पर विजेता दहिया ने कहा कि "पुलिस को शिकायत देने का फायदा भी क्या है। पुलिस कोई कार्रवाई तो करती नहीं है।" उन्होंने कहा कि इसी वजह से उन्होंने इस मामले में पुलिस से शिकायत करने का कोई विशेष लाभ नहीं देखा।