समाचार · हरियाणा
यमुनानगर के टीचर पवन कुमार को मिलेगा स्टेट अवॉर्ड:16 साल फेरूवाला और 10 साल मिल्क खास में सेवा, स्कूल संवारने का मिला सम्मान
शिक्षा के क्षेत्र में वर्षों से पूरी निष्ठा और समर्पण के साथ सेवाएं दे रहे राजकीय प्राथमिक पाठशाला मिल्क खास के टीचर पवन कुमार को उनकी मेहनत का बड़ा सम्मान मिलने जा रहा है। हरियाणा सरकार की ओर से पवन कुमार का नाम स्टेट अवॉर्ड के लिए चयनित किया गया है। पवन कुमार का कहना है कि यह अवॉर्ड बड़ी जिम्मेदारी भी लेकर आया है। पवन कुमार मूल रूप से व्यासपुर के रहने वाले हैं। उन्होंने शिक्षा विभाग में 10 अक्टूबर 2000 को अपनी सेवा शुरू की थी। अपनी नौकरी के दौरान उन्होंने करीब 16 वर्ष तक राजकीय स्कूल फेरूवाला में सेवाएं दीं, जबकि 20 सितंबर 2016 को उनका तबादला राजकीय प्राथमिक पाठशाला मिल्क खास में हुआ। स्कूल में मिली स्टार टीचर की उपाधि पिछले करीब 10 वर्षों से वह मिल्क खास स्कूल में बच्चों को शिक्षा देने के साथ-साथ स्कूल की गतिविधियों को बेहतर बनाने में लगातार सक्रिय हैं। पवन कुमार को मिल्क खास स्कूल में ‘स्टार टीचर’ की उपाधि भी दी जा चुकी है। शिक्षा विभाग में शिक्षकों के चयन और सम्मान के लिए निर्धारित 100 अंकों के विभिन्न मानकों में उनकी शैक्षणिक गतिविधियों, स्कूल विकास, सामाजिक कार्यों और बच्चों के लिए किए गए प्रयासों को महत्वपूर्ण माना गया। सीएम द्वारा स्कूल को किया जा चुका सम्मानित पवन कुमार ने बताया कि उनके कार्यकाल में राजकीय स्कूल फेरूवाला ने मुख्यमंत्री स्कूल सौंदर्यकरण प्रतियोगिता में ब्लॉक स्तर पर प्रथम स्थान हासिल किया था। इसके बाद स्कूल ने स्टेट लेवल पर भी पहला स्थान प्राप्त किया। इसके अलावा सक्षम कार्यक्रम में उनके स्कूल द्वारा 80 प्रतिशत से अधिक स्कोर किए जाने पर मुख्यमंत्री की ओर से भी स्कूल को सम्मानित किया जा चुका है। शिक्षण कार्य के साथ-साथ पवन कुमार सामाजिक गतिविधियों में भी आगे रहते हैं। वह कई बार रक्तदान कर चुके हैं। उपमंडल स्तर पर उन्हें कई बार सम्मानित किया जा चुका है। जिला स्तर पर भी उन्हें सम्मान मिला है। रोटरी क्लब और जन कल्याण समिति की ओर से टीचर दिवस के अवसर पर भी उन्हें सम्मानित किया गया। पवन कुमार ने बताया कि उन्होंने मिल्क खास स्कूल में बच्चों की प्रतिभा को मंच देने के लिए अपने स्तर पर कई पहल की हैं। उन्होंने स्कूल की निपुण’ नाम से मैगजीन भी शुरू कर रखी है, जिसमें स्कूल में तीन माह के दौरान होने वाली विभिन्न गतिविधियों को स्थान दिया जाता है। उनका विशेष जोर बच्चों को पढ़ाई के साथ-साथ सांस्कृतिक और रचनात्मक गतिविधियों से जोड़ने पर रहता है।
पवन बोले- यह सम्मान बड़ी जिम्मेदारी लेकर आया है स्टेट अवॉर्ड के लिए चयन की सूचना मिलने पर पवन कुमार भावुक हो गए। उन्होंने कहा कि यह सम्मान उनके लिए खुशी के साथ-साथ बड़ी जिम्मेदारी भी लेकर आया है। उनका प्रयास रहेगा कि वह आगे भी बच्चों और स्कूल के लिए पहले से बेहतर कार्य करें। उन्होंने अपनी उपलब्धियों का श्रेय अपने परिवार, सहकर्मियों और विभाग के सहयोग को दिया। पवन कुमार ने बताया कि यमुनानगर जिले में करीब 14 वर्ष बाद किसी प्राथमिक स्कूल के टीचर का स्टेट अवॉर्ड के लिए चयन हुआ है। इससे पहले यह सम्मान देवधर के प्राथमिक स्कूल के टीचर जयकुमार रोहिला को मिला था। ऐसे में इस बार प्राथमिक शिक्षा के क्षेत्र से उनका चयन जिले के शिक्षकों के लिए भी गौरव की बात है। एक बेटा डॉक्टर तो दूसरा इंजिनियरिंग लाइन में पवन कुमार ने अपने सहयोगियों राकेश गुप्ता, सुखविंद्र, रोमिका, हेड मास्टर कर्मसिंह राठी सहित अन्य शिक्षकों का विशेष रूप से आभार जताया है। उनका कहना है कि किसी भी टीचर की सफलता अकेले की मेहनत का परिणाम नहीं होती, बल्कि सहकर्मियों, विद्यार्थियों और अभिभावकों का सहयोग भी उसमें महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। पवन कुमार का पारिवारिक जीवन भी शिक्षा और संस्कारों से जुड़ा हुआ है। परिवार में उनकी पत्नी और माता हैं। उनका बड़ा बेटा आयुष फोर्टिस में डी.फार्मेसी की इंटर्नशिप कर रहा है, जबकि छोटा बेटा तनिष चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी से बीटेक की पढ़ाई कर रहा है।