समाचार · मध्य प्रदेश
बुरहानपुर पुलिस ने 100 मोबाइल रिकवर किए:कर्नाटक सहित कई जगहों से हुए बरामद, मालिकों को लौटाए
बुरहानपुर पुलिस ने गुम और चोरी हुए मोबाइल फोन बरामद करने के अभियान में बड़ी सफलता हासिल की है। विभिन्न थानों में दर्ज शिकायतों के आधार पर साइबर सेल की मदद से 100 मोबाइल फोन रिकवर कर उनके वास्तविक मालिकों को सौंपे गए। बरामद मोबाइलों में महंगे आईफोन भी शामिल हैं, जिन्हें प्रदेश के बाहर और जिले के अलग-अलग स्थानों से ट्रैक कर वापस लाया गया। कई राज्यों से भी बरामद हुए मोबाइल पुलिस अधीक्षक आशुतोष बागरी ने बताया कि सभी मोबाइल विभिन्न थानों में दर्ज शिकायतों के आधार पर खोजे गए। मोबाइल की पहचान उसके IMEI नंबर के जरिए की गई और साइबर टीम ने लगातार तकनीकी निगरानी कर उन्हें ट्रैक किया। इस अभियान के दौरान कई मोबाइल मध्य प्रदेश के बाहर, कर्नाटक समेत अन्य स्थानों से भी बरामद किए गए। बरामद फोन में एक लाख रुपये तक कीमत वाले आईफोन भी शामिल हैं। मोबाइल मिलने पर लोगों ने जताई खुशी डायल-112 के कर्मचारी दीपक जगन्नाथ चौधरी ने बताया कि उनका मोबाइल बस स्टैंड पर खाना खाते समय कहीं गिर गया था। शिकायत दर्ज कराने के बाद पुलिस ने उसे कर्नाटक से ट्रेस कर वापस दिलाया, जिससे उन्हें काफी राहत और खुशी मिली। वहीं, नेपानगर निवासी राजेंद्र मसाने ने भी पुलिस का आभार जताया। उन्होंने बताया कि उनकी बहन का मोबाइल करीब तीन महीने पहले ड्यूटी पर जाते समय गुम हो गया था, जो अब सुरक्षित वापस मिल गया। साइबर सेल की टीम ने निभाई अहम भूमिका मोबाइल रिकवरी अभियान में साइबर सेल प्रभारी मनीषा दीक्षित के नेतृत्व में आरक्षक दुर्गेश पटेल, शक्ति सिंह तोमर, ललित चौहान, सत्यपाल और अन्य कर्मचारियों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। तकनीकी विश्लेषण और लगातार मॉनिटरिंग की मदद से टीम ने कम समय में बड़ी संख्या में मोबाइल बरामद करने में सफलता हासिल की। सेफ क्लिक 2.0' के तहत साइबर सुरक्षा का संदेश मोबाइल वितरण कार्यक्रम के दौरान एसपी आशुतोष बागरी, एएसपी प्रदीप शेण्डे और सीएसपी गौरव पाटिल ने 'सेफ क्लिक 2.0' अभियान के तहत लोगों को साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूक किया। अधिकारियों ने सलाह दी कि मोबाइल गुम होने या चोरी होने की स्थिति में तुरंत नजदीकी पुलिस थाने में सूचना दें और CEIR पोर्टल के माध्यम से मोबाइल ब्लॉक कराने की प्रक्रिया अपनाएं, ताकि उसका दुरुपयोग रोका जा सके। बुरहानपुर पुलिस का यह अभियान तकनीक और प्रभावी पुलिसिंग का बेहतरीन उदाहरण है। समय पर शिकायत दर्ज कराने और IMEI ट्रैकिंग की मदद से गुम मोबाइल वापस मिलना आम नागरिकों का पुलिस व्यवस्था पर भरोसा भी मजबूत करता है।