समाचार · मध्य प्रदेश
महिलाओं की बात सुन सिर पकड़कर बैठ गए डिप्टी कलेक्टर:विधवा महिलाओं की लिस्ट थमाई, बोली- जहरीली शराब से पति और बच्चे मर गए
निवाड़ी जनसुनवाई के दौरान महिलाओं की बात सुन डिप्टी कलेक्टर सिर पर हाथ रखकर बैठ गए। महिलाओं ने उन्हें शिकायती आवेदन के साथ उन महिलाओं की लिस्ट थमा दी, जिनके पति और बेटों की जहरीली शराब पीने से मौत हो गई। यह शिकायत निवाड़ी जिले की चुरारा ग्राम पंचायत से आई है। गांव की लगभग दो दर्जन महिलाएं डिप्टी कलेक्टर अनिल तलैया के सामने जनसुनवाई में पहुंचीं और प्रशासन से गांव में शराब की बिक्री पर तत्काल रोक लगाने की मांग की। महिलाओं का आरोप है कि गांव और आसपास के क्षेत्रों में लंबे समय से अवैध शराब खुलेआम बेची जा रही है। महिलाओं ने बताया कि इस शराब के सेवन से कई लोगों की मौत हो चुकी है और अनेक परिवार बिखर गए हैं। उनका दावा है कि उनके पति शराब की लत और कथित जहरीली शराब के कारण असमय काल का शिकार हुए। इसके चलते कई महिलाएं विधवा हो गईं और उनके बच्चों के सामने आजीविका का गंभीर संकट खड़ा हो गया है। विधवा हुई महिलाओं को लिस्ट दी जनसुनवाई में पहुंची महिलाओं ने जहरीली शराब की बिक्री रोकने के साथ-साथ लगभग डेढ़ दर्जन विधवा महिलाओं की सूची भी प्रस्तुत की। शिकायत में शांति, जयंती, ललती, रामपत सुखवाती, पार्वती, गोमा, लाडकुंवर लक्ष्मी, कुसमा, मालती, रामदेवी, गोरा, सली, सोमवती, रचना, करिश्मा और सुरेश सहित कई महिलाओं के नाम शामिल हैं, जिनके पति जहरीली शराब के कारण असमय मृत्यु को प्राप्त हुए। इन महिलाओं ने कलेक्टर जमुना भिड़े से अपने परिवारों के भरण-पोषण के लिए कोई काम या रोजगार उपलब्ध कराने की भी मांग की है, ताकि उनके बच्चों का भविष्य सुरक्षित हो सके। 400 कमाने वाले 300 की पी रहे जहरीली शराब
विधवा जयंती आदिवासी का कहना है कि पति शराब के कारण खत्म हो गए। दो लड़के और दो लड़कियां हैं सास विकलांग हैं। दोनों लडके भी शराब पीने लगे हैं। गौमा आदिवासी ने बताया कि उसके पति शराब के कारण खत्म हो गए। बेटा भी शराब के कारण खत्म हो गया है। अब दो नाती है जिनका पालन करने वाला भी कोई नहीं है। घर में कोई कमाने वाला भी नहीं है और उन्हें भी काम नहीं मिल रहा है। उनका कहना है कि घर का भरण पोषण कैसे हो यह समस्या उनके सामने गंभीर है। यूरिया से बन रही शराब महिलाओं का कहना है कि यूरिया खाद एवं केमिकल से जहरीली शराब बनाते हैं और दिनभर खुले आम शराब बेजते हैं जिसके कारण एक बार पीने वाले लोग दिन में चार बार शराब पीने लगे हैं। दिन भर में 400 कमाते हैं और 300 की शराब पी लेते हैं, जिसके कारण गांव में असमय मौते हो रही है और परिवार के परिवार उजड़ते जा रहे हैं। बहरहाल अब देखना होगा कि जिला प्रशासन इस मामले में आगे क्या कार्रवाई करता है।