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पठानकोट में बॉर्डर रेंज से गैंगस्टरों के 56 साथी अरेस्ट:1808 पुलिसकर्मियों ने 151 जगह की रेड; 4 पिस्टल, हेरोइन और अवैध शराब पकड़ी
पंजाब पुलिस द्वारा प्रदेश के बॉर्डर रेंज में विशेष अभियान चलाकर गैंगस्टरों के 56 साथी गिरफ्तार किए हैं। वहीं, भारी मात्रा में अवैध हथियार, हेरोइन और शराब बरामद की है। 'ऑपरेशन प्रहार 3.0' के तहत चलाए गए इस अभियान में बॉर्डर रेंज पुलिस ने मंगलवार देर रात तक पठानकोट, अमृतसर, बटाला, गुरदासपुर, अजनाला और ब्यास सहित अन्य सीमावर्ती इलाकों में 151 स्थानों पर छापेमारी की। डीआईजी बॉर्डर रेंज हरमनबीर सिंह गिल के नेतृत्व में चलाए गए इस अभियान में 1808 पुलिस अधिकारी/कर्मचारी शामिल थे। इनमें बॉर्डर रेंज के सभी एसएसपी, एसपी, डीएसपी भी शामिल रहे। लगातार 72 घंटे चली इस छापेमारी में जघन्य अपराधों के 89 आरोपी भी गिरफ्तार किए गए हैं। 1808 पुलिस कर्मचारी, 151 जगह छापेमारी
बता दें, पुलिस की ओर से संयुक्त तौर पर किए गए इस पूरे ऑपरेशन को अंजाम देने के लिए बॉर्डर रेंज के जिलों में 1,808 पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों को मैदान में उतारा गया था। पुलिस टीमों ने नशे के लिए चिह्नित किए गए संवेदनशील हॉटस्पॉट्स पर 17 कॉर्डन एंड सर्च ऑपरेशन चलाए और कुल 151 ठिकानों पर ताबड़तोड़ छापेमारी की। सुरक्षा के लिहाज से 2,550 वाहनों की गहन चेकिंग की गई, जिसमें से नियमों का उल्लंघन करने वाले 554 वाहनों के चालान काटे गए। 162 होटल और 104 रेलवे स्टेशनों को खंगाला
डीआईजी बॉर्डर रेंज हरमनबीर सिंह गिल ने बताया कि इस दौरान 162 होटलों/गेस्ट हाउसों तथा 104 रेलवे स्टेशनों, बस स्टैंडों और अन्य संवेदनशील स्थानों की बारीकी से जांच की गई। इस दौरान डॉग स्क्वायड सहित अन्य टीमें भी शामिल की गई। जमीनी स्तर पर तालमेल बिठाने के लिए विलेज डिफेंस कमेटी और वार्ड डिफेंस कमेटी के सदस्यों के साथ 11 संपर्क बैठकें भी आयोजित की गईं। डीआईजी हरमनबीर गिल ने बताया कि सुधार की दिशा में कदम बढ़ाते हुए 34 नशा पीड़ितों को इलाज के लिए ओओएटी केंद्रों में भर्ती करवाया गया या संपर्क करवाया गया। कार्रवाई के दौरान हुई बड़ी बरामदगी
पुलिस द्वारा जारी किए गए आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, इस दो दिवसीय ऑपरेशन में बड़ी बरामदगी हुई है। डीआईजी हरमनबीर सिंह ने बताया कि इस दौरान गैंगस्टरों के 56 साथी गिरफ्तार किए गए। इसके अलावा, जघन्य अपराधों के 89 आरोपी गिरफ्तार किए गए हैं। प्रीवेंटिव एक्शन के तहत 176 लोगों को गिरफ्तार किया गया। इस दौरान, 4 पिस्टल और 7 कारतूस बरामद किए गए। वहीं, 1.04 किलोग्राम हेरोइन और 2,32,180 मिलीलीटर अवैध शराब भी रिकवर की गई। अपराधियों को नेस्तनाबूद करना मुख्य लक्ष्य: डीआईजी
इस विशेष मुहिम के बारे में जानकारी देते हुए डीआईजी बॉर्डर रेंज हरमनबीर सिंह ने बताया कि अभियान का मुख्य उद्देश्य राज्य में नशा तस्करी के नेटवर्क को तोड़ना, गैंगस्टर सिंडिकेट को ध्वस्त करना और संगठित अपराध पर पूरी तरह से लगाम लगाकर कानून-व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ करना है। अभियान के दौरान डीआईजी ने खुद संवेदनशील इलाकों का दौरा किया। विशेष रूप से हाई-टेक नाका ब्यास का बारीकी से निरीक्षण किया गया। वहां तैनात पुलिसकर्मियों को सुरक्षा व्यवस्था पुख्ता रखने, हर संदिग्ध वाहन की बारीकी से चेकिंग करने और अपराधियों के खिलाफ त्वरित व प्रभावी कार्रवाई करने के कड़े निर्देश दिए गए। उन्होंने स्पष्ट किया कि पंजाब पुलिस राज्य को अपराध और नशा मुक्त करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है और इस तरह के बड़े सर्च ऑपरेशन भविष्य में भी लगातार जारी रहेंगे। उन्होंने इस जंग में आम जनता से भी सहयोग की अपील की है।