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संगरूर-बरनाला में वकीलों की हड़ताल से कामकाज ठप:लीगल एड डिफेंस काउंसिल पॉलिसी का विरोध; कहा-नई व्यवस्था में गंभीर खामियां
पंजाब के संगरूर और बरनाला में लीगल एड डिफेंस काउंसिल पॉलिसी के विरोध में वकीलों ने हड़ताल कर दी है। इस हड़ताल के कारण दोनों जिलों में अदालती कामकाज ठप हो गया है। वकील पुरानी कानूनी सहायता प्रणाली को बहाल करने की मांग कर रहे हैं। वकीलों ने लीगल एड डिफेंस काउंसिल पॉलिसी में मौजूद कमियों के खिलाफ कड़ा रुख अपनाया है। कोस कमेटी की अगुवाई में वकील लंबे समय से चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया, नालसा (NALSA) और पालसा (PULSA) के समक्ष इस नीति में बदलाव की मांग उठा रहे हैं। 4 साल पहले लागू की थी व्यवस्था वकीलों का कहना है कि 4 साल पहले लागू की गई इस नई व्यवस्था में कई गंभीर खामियां हैं, जिन्हें तुरंत दूर किया जाना चाहिए। उनकी मुख्य मांग है कि पुरानी कानूनी सहायता प्रणाली को फिर से लागू किया जाए। उनका तर्क है कि वह व्यवस्था न केवल आम जनता के हित में थी, बल्कि वकीलों की आजीविका के लिए भी अधिक बेहतर थी। नए वकीलों के सामने काम का संकट प्रदर्शनकारी वकीलों के अनुसार, पुरानी कानूनी सहायता प्रणाली विशेष रूप से नए वकीलों के लिए काफी सहायक थी। उस समय नए वकीलों को सरकारी मदद के तौर पर केस मिलते थे, जिससे उन्हें अदालत के कामकाज की ट्रेनिंग मिलती थी और उनकी वकालत की शुरुआत के लिए एक मजबूत आजीविका का जरिया भी बनता था। नई पॉलिसी के कारण अब नए वकीलों के सामने काम का संकट खड़ा हो गया है। वकीलों ने यह फैसला किया है कि जब तक इस समस्या का कोई ठोस समाधान नहीं निकलता, तब तक उनका यह विरोध प्रदर्शन लगातार जारी रहेगा। संगरूर और बरनाला में अदालतों पर लटके ताले, जनता परेशान
इस विवाद का सीधा असर अदालती कामकाज पर देखने को मिल रहा है। अपनी मांगों के समर्थन में वकीलों ने पूरी तरह से काम ठप कर दिया है, जिसके कारण जिला संगरूर और जिला बरनाला की अदालतों में कामकाज पूरी तरह बंद रहा। अदालतों में सन्नाटा पसरा होने की वजह से दूर-दराज से आए लोगों और मुवक्किलों को बिना किसी सुनवाई के वापस लौटना पड़ा। वकीलों ने साफ कर दिया है कि जब तक उनकी जायज मांगों को मानकर पुरानी व्यवस्था को वापस नहीं लाया जाता, तब तक उनका यह आंदोलन थमेगा नहीं।