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लुधियाना के पास इंटरसिटी एक्सप्रेस पर पथराव:खिड़की के 3 शीशे टूटे; RPF ने अज्ञात पर केस दर्ज किया
लुधियाना में दिल्ली इंटरसिटी एक्सप्रेस पर लुधियाना के नजदीक पत्थर फेंकने का मामला सामने आया है। पथराव से ट्रेन के एक कोच की खिड़की के तीन शीशे टूट गए। घटना में यात्रियों और रेलवे कर्मचारियों की जान को खतरा पैदा हुआ। इस मामले में रेलवे सुरक्षा बल (RPF) ने अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ रेलवे एक्ट की धारा 153 और 147 के तहत केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। दरअसल, 6 अक्टूबर को मंडल सुरक्षा नियंत्रण कक्ष फिरोजपुर से मिली शिकायत में बताया गया था कि किसी ट्रेन पर पत्थर लगने से खिड़की का शीशा टूट गया है। सूचना मिलने पर RPF के उप निरीक्षक विजयपाल सिंह और सहायक उप निरीक्षक चमन लाल ने घटना स्थल एरिया के रेलवे ट्रैक की जांच की। इस दौरान आसपास कोई संदिग्ध व्यक्ति नहीं मिला। शिकायतकर्ता ने अपना मोबाइल नंबर भी साझा नहीं किया था, जिसके कारण घटना की सटीक जगह की पुष्टि नहीं हो सकी। अमृतसर पहुंचने पर जांच में टूटे मिले 3 शीशे इसके बाद 7 अक्टूबर को मंडल सुरक्षा कंट्रोल रुम की ओर से 139 पर घटना की जानकारी साझा की गई। बताया गया कि RPF पोस्ट अमृतसर के सहायक उप निरीक्षक रणवीर सिंह ने ट्रेन नंबर 14679 दिल्ली इंटरसिटी एक्सप्रेस के रात करीब 10:25 बजे अमृतसर रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर 6 पर पहुंचने पर CW और JE रोहित कुमार के साथ ट्रेन की जांच की। जांच के दौरान कोच नंबर NR 246321 (LWSCZ) में सीट नंबर 43, 44 और 45 के पास खिड़की के दोनों तरफ के शीशे टूटे मिले। इस संबंध में रेलवे अधिकारियों ने संयुक्त नोट भी तैयार किया है। जांच में सामने आया कि मिली शिकायत के अनुसार ट्रेन के लुधियाना से पहले बाईं तरफ से पत्थर लगा था। अज्ञात के खिलाफ केस, तलाश शुरू RPF ने घटना को आपराधिक हस्तक्षेप मानते हुए अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ केस दर्ज किया है। पुलिस के मुताबिक चलती ट्रेन पर पत्थर फेंकने से यात्रियों और रेलवे कर्मचारियों की जान को खतरा पैदा हुआ, इसलिए रेलवे एक्ट की धारा 153 और 147 के तहत कार्रवाई की गई है। घटना की जांच में रेलवे पुलिस और संबंधित सुरक्षा एजेंसियों को मौके के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों और उपलब्ध वीडियो फुटेज की जांच कर आरोपियों की पहचान हो सके। RPF अब पत्थर फेंकने वाले आरोपी की पहचान और गिरफ्तारी के लिए सुराग जुटा रही है। मामले की आगे की जांच उप निरीक्षक विजयपाल सिंह को सौंपी गई है। उच्च अधिकारियों को भी मामले की जानकारी दे दी गई है।