Saturday, 26 September 2026
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दिल्ली-महाराष्ट्र में बढ़ी डेडलाइन, SIR में नोटिस मिला है तो घर आएंगे BLO, चुनाव आयोग ने बदला शेड्यूल

INT News26 September 2026 at 08:42 pm

SIR Deadline: विवादों के बीच शनिवार (26 सितंबर) को दिल्ली के निर्वाचन सदन में चुनाव आयोग की बैठक हुई. इसमें मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार और चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी मौजूद रहे. आयोग ने दिल्ली-महाराष्ट्र में दावे-आपत्तियों की समयसीमा बढ़ाने के साथ नोटिस पाने वाले मतदाताओं के घर BLO भेजने का फैसला किया. विशेष परिस्थितियों में ऑनलाइन सुनवाई भी हो सकेगी. आयोग ने कहा कि SIR से जुड़े अंतिम फैसले और शेड्यूल सर्वसम्मति से मंजूर किए गए हैं.

क्यों बदला गया दिल्ली-महाराष्ट्र का SIR शेड्यूल?

चुनाव आयोग ने 1 अक्टूबर 2026 को क्वालिफाइंग डेट मानते हुए दिल्ली और महाराष्ट्र में चल रहे SIR के कार्यक्रम में बदलाव किया है. दिल्ली के मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने 23 सितंबर को कार्यक्रम में बदलाव का अनुरोध किया था, जबकि महाराष्ट्र के मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने 24 सितंबर को ऐसा अनुरोध किया. इसके बाद चुनाव आयोग ने दोनों जगह SIR की आगे की समयसीमा में बदलाव किया. आयोग ने संबंधित अधिकारियों को संशोधित शेड्यूल का व्यापक प्रचार करने का भी निर्देश दिया है, ताकि ज्यादा से ज्यादा मतदाताओं तक नई तारीखों की जानकारी पहुंच सके.

दिल्ली में अब 30 अक्टूबर तक मौका

दिल्ली में दावे और आपत्तियां दाखिल करने की प्रक्रिया 31 अगस्त 2026 से शुरू हुई थी. चुनाव आयोग के संशोधित कार्यक्रम के मुताबिक, अब मतदाता 30 अक्टूबर 2026 तक दावे और आपत्तियां दाखिल कर सकेंगे. नोटिस से जुड़े मामलों और दावे-आपत्तियों के निपटारे की प्रक्रिया 30 नवंबर 2026 तक चलेगी. इसके बाद दिल्ली की अपडेटेड फाइनल वोटर लिस्ट 4 दिसंबर 2026 को प्रकाशित की जाएगी. यानी दिल्ली के मतदाताओं को अपनी जानकारी की जांच करने और जरूरत होने पर दावा या आपत्ति दर्ज कराने के लिए अतिरिक्त समय मिल गया है.

महाराष्ट्र में 12 अक्टूबर तक दावे-आपत्तियां

महाराष्ट्र में भी SIR शेड्यूल में बदलाव किया गया है. यहां दावे और आपत्तियां दाखिल करने की प्रक्रिया 31 अगस्त 2026 से शुरू हुई थी. अब इसके लिए आखिरी तारीख 12 अक्टूबर 2026 कर दी गई है. दावे-आपत्तियों और नोटिस के निपटारे की प्रक्रिया 10 नवंबर 2026 तक पूरी की जाएगी. इसके बाद महाराष्ट्र की अपडेटेड फाइनल वोटर लिस्ट 16 नवंबर 2026 को प्रकाशित की जाएगी.

SIR में नोटिस मिला है तो घर आएंगे BLO

चुनाव आयोग ने SIR के दौरान नोटिस पाने वाले मतदाताओं के लिए भी प्रक्रिया आसान की है. जिन मतदाताओं को पुराने रिकॉर्ड से मैप नहीं होने (Unmapped) या उनकी जानकारी में तार्किक विसंगति (Logical Discrepancy) पाए जाने के कारण नोटिस मिला है, उनसे जरूरी दस्तावेज लेने के लिए बूथ लेवल ऑफिसर (BLO) उनके घर जाएंगे. इस व्यवस्था से संबंधित मतदाताओं को केवल दस्तावेज जमा करने के लिए निर्वाचन कार्यालय जाने की जरूरत नहीं होगी. BLO ऐसे मतदाताओं के घर जाकर जरूरी दस्तावेज एकत्र करेंगे.

विशेष परिस्थितियों में ऑनलाइन हो सकेगी सुनवाई

चुनाव आयोग ने सुनवाई की प्रक्रिया में भी सहूलियत दी है. विशेष परिस्थितियों में निर्वाचक पंजीकरण अधिकारी (ERO) के फैसले के आधार पर सुनवाई ऑनलाइन की जा सकेगी. इसके अलावा अगर कोई मतदाता खुद सुनवाई में शामिल नहीं हो सकता है तो जरूरत पड़ने पर वह अपने परिवार के किसी वयस्क सदस्य को अपनी ओर से सुनवाई में शामिल होने के लिए अधिकृत कर सकता है.

गरीब, मजदूर और बेघर लोगों के लिए विशेष कैंप

चुनाव आयोग ने जिला निर्वाचन अधिकारियों (DEOs) को पर्याप्त संख्या में हेल्प डेस्क बनाने और विशेष कैंप आयोजित करने के निर्देश भी दिए हैं. ये विशेष कैंप नाइट शेल्टर में रहने वाले लोगों, मजदूरों, गरीब और बेघर लोगों के लिए लगाए जाएंगे, ताकि पात्र मतदाताओं को मतदाता सूची से जुड़ी प्रक्रिया पूरी करने में मदद मिल सके.

वोटर लिस्ट से नाम छूट गया तो क्या होगा?

चुनाव आयोग ने साफ किया है कि SIR के दौरान या उसके बाद किसी पात्र व्यक्ति का नाम मतदाता सूची में शामिल नहीं हो पाया है तो वह बाद में भी नाम जुड़वाने के लिए आवेदन कर सकता है. ऐसे पात्र मतदाता Continuous Updation प्रक्रिया के तहत आवेदन कर सकते हैं. इसमें युवा और पहली बार वोटर बनने वाले पात्र नागरिक भी शामिल हैं. चुनाव आयोग ने मुख्य निर्वाचन अधिकारियों (CEOs) को पात्र मतदाताओं के नाम जोड़ने में मदद करने और इसके लिए विशेष अभियान चलाने के निर्देश दिए हैं.

SIR के फैसलों पर चुनाव आयोग ने क्या कहा?

चुनाव आयोग ने SIR को लेकर उठ रहे सवालों पर भी अपना पक्ष रखा है. आयोग का कहना है कि देशभर में SIR शुरू करने और इसके शेड्यूल से जुड़े अंतिम फैसले आयोग की सर्वसम्मति से लिए गए थे. आयोग के मुताबिक, 24 जून 2025 को सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के लिए SIR का आदेश सर्वसम्मति से जारी किया गया था. इसके बाद 12 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के लिए 27 अक्टूबर 2025 और 19 राज्यों एवं केंद्र शासित प्रदेशों के लिए 14 मई 2026 को जारी SIR शेड्यूल को भी आयोग की सर्वसम्मति से मंजूरी दी गई थी.

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