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32 लाइसेंसी हथियार चोरी मामले में आरोपी को बेल नहीं:फरीदाबाद कोर्ट में लगाई थी जमानत याचिका; थाने के मालखाने से चोरी हुई थे हथियार
फरीदाबाद के सेक्टर-8 थाने के मालखाने से 32 लाइसेंसी हथियार चोरी करने के मामले में सेशन कोर्ट ने आरोपी केशव चौधरी को बेल देने से इंकार कर दिया है। राजस्थान के खैरथल तिजारा जिले के दाजनवाली गांव निवासी केशव चौधरी ने एडिशनल सेशन जज सुरेंद्र सिंह की कोर्ट में अग्रिम जमानत के लिए याचिका लगाई थी। कोर्ट ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद माना कि जांच अभी जारी है और आरोपी से हिरासत में पूछताछ आवश्यक है। कोर्ट ने कहा कि अग्रिम जमानत दिए जाने से जांच प्रभावित हो सकती है अब जानिए…पूरा मामला पुलिस के अनुसार, 9 मई को सेक्टर-8 थाना प्रभारी राजबीर ने मालखाने का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान 13 हथियार गायब मिले। सूचना सीनियर अधिकारियों तक पहुंची तो जांच कराई गई। जांच में पता चला कि 13 नहीं, बल्कि कुल 32 लाइसेंसी हथियार मालखाने से गायब हैं। जांच में यह भी सामने आया कि चोरी हुए हथियारों में कई विदेशी पिस्टल शामिल थीं, जिनकी कीमत करीब 12 लाख रुपए तक है। इसके बाद पुलिस ने आठ धाराओं में केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी। CCTV फुटेज खंगालने पर पता चला कि अक्टूबर 2025 से अप्रैल 2026 के बीच चोरी की पूरी वारदात ITI अप्रेंटिस मोनू ने अंजाम दी थी। 20 आरोपियों को गिरफ्तार किया था पुलिस ने 9 मई को ही उसे गिरफ्तार कर पूछताछ शुरू कर दी। इसके बाद तिजारा राजस्थान के विपिन और संजय सुनारिया को गिरफ्तार किया गया। इसमें पुलिस ने मालखाना इंचार्ज ESI बिजेंद्र सिंह को पहले ही सस्पेंड कर दिया। पुलिस ने इस केस में 20 आरोपियो को गिरफ्तार किया था। 3 रिवाल्वर 70-70 हजार रुपए में खरीदे पुलिस के अनुसार, संजय सुनारिया की निशानदेही पर केशव चौधरी का नाम सामने आया। आरोप है कि उसने संजय से चोरी किए गए तीन रिवाल्वर 70-70 हजार रुपए में खरीदे थे। पुलिस ने कोर्ट से कहा है कि केशव से 3 रिवाल्वर की बरामदगी बाकी है और पूरे नेटवर्क का पता लगाने के लिए केशव से पूछताछ जरूरी है। बचाव पक्ष बोला-गिरफ्तारी की आवश्यकता नहीं कोर्ट में आरोपी के बचाव पक्ष ने दलील देते हुए कहा कि केशव का नाम मुख्य आरोपियों के साथ नहीं है और जो रिवाल्वर उसने खरीदे थे वो पहले ही बरामद किए जा चुके हैं। उन्होंने यह भी कहा कि हथियारों का भुगतान किसी दूसरे व्यक्ति के द्वारा किया गया था। सरकारी पक्ष ने बेल का विरोध किया पुलिस की तरफ से सरकारी पक्ष रखते हुए कहा गया कि ये एक गंभीर केस है और अभी इस मामले में जांच चल रही है। इसके बाद कोर्ट ने अग्रिम जमानत दिए जाने से इनकार कर दिया। इसी आधार पर केशव चौधरी की अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी गई।