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संत पात्रिक स्कूल में विज्ञान और कला प्रदर्शनी, बच्चों ने प्रदर्शित किये करीब एक हजार मॉडल

गुमलाः संत पात्रिक स्कूल, गुमला में साइंस, आर्ट एंड क्राफ्ट एग्जीबिशन का आयोजन किया गया. प्रदर्शनी का उद्घाटन मुख्य अतिथि उपायुक्त दिलेश्वर महतो ने विधिवत रूप से किया. इसमें स्कूल के बच्चों ने विज्ञान, कला और शिल्प से जुड़े करीब एक हजार मॉडल प्रदर्शित किये. प्रदर्शनी देखने के लिए बड़ी संख्या में अभिभावक और स्कूली बच्चे पहुंचे. प्रदर्शनी में बच्चों की रचनात्मकता और वैज्ञानिक सोच की झलक देखने को मिली.
बच्चों ने मॉडल के जरिये समझाये विज्ञान के सिद्धांत
प्रदर्शनी में दोनों ओर लगी टेबलों पर बच्चों ने अपने-अपने मॉडल रखे थे. बच्चे मॉडलों के पास बैठकर आगंतुकों को उनकी कार्यप्रणाली और उपयोग के बारे में विस्तार से समझा रहे थे. लोगों ने बच्चों द्वारा तैयार किये गये मॉडलों की सराहना की. विज्ञान, कला और क्राफ्ट के विभिन्न नमूनों के माध्यम से बच्चों ने अपनी कल्पनाशीलता और नवाचार की क्षमता का प्रदर्शन किया.
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प्रैक्टिकल ज्ञान से विकसित होगी इनोवेटिव सोच : उपायुक्त
मुख्य अतिथि उपायुक्त दिलेश्वर महतो ने कहा कि साइंस, आर्ट एंड क्राफ्ट प्रदर्शनी बच्चों के लिए काफी उपयोगी है. इससे उन्हें सैद्धांतिक पढ़ाई के बाद व्यावहारिक ज्ञान हासिल करने और अपनी नवाचारी सोच को विकसित करने का अवसर मिलता है. उन्होंने कहा कि संत पात्रिक स्कूल जिले के उत्कृष्ट विद्यालयों में अपनी अलग पहचान रखता है. विद्यालय के प्राचार्य के नेतृत्व में स्कूल हर क्षेत्र में अच्छा काम कर रहा है और बच्चों का उज्ज्वल भविष्य बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है.
छोटे-छोटे मॉडल भविष्य में बना सकते हैं वैज्ञानिक
उपायुक्त ने कहा कि आज बच्चे कार्डबोर्ड और दूसरे उपकरणों की मदद से अपने हाथों से विज्ञान के मॉडल तैयार कर रहे हैं. यही रचनात्मक सोच भविष्य में उन्हें बड़ा वैज्ञानिक बनाने की दिशा में प्रेरित कर सकती है. पढ़ाई के साथ होने वाली अतिरिक्त गतिविधियां बच्चों के सर्वांगीण विकास में मददगार होती हैं. उन्होंने उम्मीद जतायी कि इस तरह के आयोजनों से बच्चों की सोच विकसित होगी और उन्हें नयी चीजें सीखने का अवसर मिलेगा.
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वाटर साइकिल से हाइड्रोलिक जेसीबी तक के मॉडल आकर्षण का केंद्र
विज्ञान खंड में वाटर साइकिल, ज्वालामुखी, प्रकृति के मनोरम दृश्य, हाइड्रोलिक जेसीबी, क्रेन, हाइड्रोलिक लिफ्ट, जेसीबी एक्सकेवेटर, स्मार्ट सिटी, रोड ट्रांसपोर्ट, सड़क, घर, ट्रैफिक लाइट, पवन चक्की, इलेक्ट्रिक सर्किट, टेबल लैंप, बांध, जल संरक्षण और रेन वाटर हार्वेस्टिंग जैसे मॉडल प्रदर्शित किये गये. इसके अलावा टॉय कार, विंडमिल और लकड़ी व कार्डबोर्ड से बनी छोटी गाड़ियों ने भी लोगों का ध्यान खींचा.
आर्ट एंड क्राफ्ट के मॉडलों की भी हुई सराहना
आर्ट एंड क्राफ्ट खंड में पेपर फ्लावर, गुलदस्ते, बास्केट, सजावटी सामान, घर के मॉडल, पेंटिंग और ड्राइंग समेत कई तरह की कलाकृतियां प्रदर्शित की गयीं. बच्चों ने विभिन्न सामग्रियों का उपयोग कर अपनी कला और हुनर का परिचय दिया. प्रदर्शनी में गुमला धर्मप्रांत के बिशप लीनुस पिंगल एक्का, स्कूल के प्राचार्य फादर नाबोर मिंज, फादर रंजीत, सभी शिक्षक-शिक्षिकाएं और सैकड़ों छात्र-छात्राएं उपस्थित थे.
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