समाचार · मध्य प्रदेश
बैतूल में 84.98 लाख का विश्रामालय बंद:उद्घाटन के तीन माह बाद भी परिजन फर्श पर सोने को मजबूर
बैतूल जिला अस्पताल में मरीजों के परिजनों की सुविधा के लिए 84.98 लाख रुपए की लागत से बनाया गया 30 बिस्तरों का विश्रामालय लोकार्पण के करीब तीन महीने बाद भी शुरू नहीं हो सका है। मई में जनप्रतिनिधियों की मौजूदगी में लोकार्पण होने के बावजूद भवन के मुख्य द्वार पर अब भी ताला लगा हुआ है। संचालन की प्रक्रिया और दिशा-निर्देश तय नहीं होने के कारण दूरदराज से आने वाले मरीजों के परिजनों को रात में ठहरने के लिए परेशानी उठानी पड़ रही है। कई परिजन अस्पताल के बरामदों और फर्श पर रात गुजारने को मजबूर हैं। लोकार्पण हुआ, लेकिन शुरू नहीं हुई सुविधा मरीजों के साथ आने वाले परिजनों को रात में सुरक्षित और सुविधाजनक ठहरने की सुविधा देने के उद्देश्य से जिला अस्पताल परिसर में 30 बिस्तरों का विश्रामालय बनाया गया था। करीब 84.98 लाख रुपए की लागत से तैयार भवन का मई में लोकार्पण किया गया था। लोकार्पण के दौरान इसे मरीजों और उनके परिजनों के लिए बड़ी सुविधा के रूप में बताया गया था, लेकिन करीब तीन महीने बीतने के बाद भी इसका संचालन शुरू नहीं हो पाया है। संचालन की गाइडलाइन का इंतजार आरएमओ डॉ. रानू वर्मा के अनुसार, विश्रामालय का संचालन किस प्रक्रिया के तहत किया जाना है, इसे लेकर अभी तक स्पष्ट दिशा-निर्देश प्राप्त नहीं हुए हैं। उन्होंने बताया कि इस संबंध में कलेक्टर को पत्र लिखा गया था।आरएमओ के मुताबिक, कलेक्टर की ओर से संचालन की जिम्मेदारी एडीएम को सौंपे जाने की जानकारी मिली है, लेकिन अस्पताल प्रबंधन को अभी तक आगे की प्रक्रिया को लेकर स्पष्ट निर्देश नहीं मिले हैं। दूरदराज से आने वाले परिजन परेशान जिला अस्पताल में रोजाना बड़ी संख्या में मरीज इलाज के लिए पहुंचते हैं। इनमें ग्रामीण और दूरदराज के क्षेत्रों से आने वाले मरीजों की संख्या भी काफी रहती है। मरीजों के साथ आने वाले परिजनों के सामने रात में ठहरने की समस्या बनी रहती है। विश्रामालय तैयार होने के बावजूद बंद होने के कारण कई परिजनों को अस्पताल के बरामदों और फर्श पर रात गुजारनी पड़ रही है। ऐसे में लाखों रुपए खर्च कर तैयार की गई सुविधा का लाभ जरूरतमंदों को नहीं मिल पा रहा है। अब संचालन शुरू होने का इंतजार विश्रामालय का भवन तैयार होने और लोकार्पण के बाद भी संचालन की व्यवस्था तय नहीं हो पाई है। ऐसे में अब सवाल उठ रहा है कि इसकी गाइडलाइन और संचालन प्रक्रिया कब पूरी होगी और मरीजों के परिजनों को 30 बिस्तरों वाले इस विश्रामालय की सुविधा कब से मिल सकेगी।