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महम चौबीसी पंचायत ने रामपाल से बनाई दूरी:धर्मेंद्र हुड्डा के कार्यक्रमों का बहिष्कार की घोषणा, महासचिव बोले- गलत फैसले के पक्षधर नहीं
रोहतक जिले में महम चौबीसी सर्वखाप पंचायत ने रामपाल महाराज के डेरे और विदेश में रह रहे धर्मेंद्र हुड्डा से दूरी बनाने का सर्वसम्मति से फैसला लिया है। यह निर्णय महम स्थित काठमंडी में सर्वखाप पंचायत कार्यालय में हुई एक बैठक में लिया गया, जिसकी अध्यक्षता प्रधान सुभाष नंबरदार ने की। इससे पहले, 25 जुलाई को धर्मेंद्र हुड्डा ने प्रधान सुभाष नंबरदार से संपर्क कर गन कल्चर और गंद कल्चर को खत्म करने के लिए खाप द्वारा कार्यक्रम आयोजित करने की अपील की थी। इस पर 25 जुलाई को चौबीसी चबूतरे पर एक पंचायत बुलाई गई, जिसमें सैकड़ों लोगों और कलाकारों ने भाग लिया। पंचायत ने सर्वसम्मति से युवाओं को इन बुराइयों से दूर रखने का फैसला किया था। बाढ़ के दौरान डेरे ने उपल्ब्ध कराई थी मोटर और पाइप दूसरी ओर, महम क्षेत्र के कई गांवों में बाढ़ के दौरान रामपाल महाराज के डेरे ने लाखों रुपए की लागत से पाइप और मोटरें उपलब्ध कराई थीं। इनसे गांवों से पानी निकाला गया, जिससे किसानों को दोबारा फसल बोने का अवसर मिला। इस कार्य के लिए सर्वखाप पंचायत ने जेल में रहते हुए भी रामपाल महाराज को सम्मानित किया था। हालांकि, अब धर्मेंद्र हुड्डा और रामपाल के अनुयायियों के बीच चल रहे विवाद के कारण, डेरे के कुछ लोगों ने प्रधान सुभाष नंबरदार के प्रति अमर्यादित भाषा का प्रयोग किया। इसी घटना के बाद बुधवार को एक मीटिंग बुलाई गई। हांसी में होने वाली पंचायत के बहिष्कार की घोषणा मीटिंग में सर्वसम्मति से यह निर्णय लिया गया कि महम चौबीसी सर्वखाप पंचायत इन दोनों से दूरियां बनाएगी और भविष्य में उनके किसी भी कार्यक्रम में शामिल नहीं होगी। पंचायत ने 25 अगस्त को हांसी में होने वाली पंचायत का भी बहिष्कार करने की घोषणा की। सर्वखाप के महासचिव रामफल राठी ने कहा कि महम सर्वखाप पंचायत का इतिहास रहा है कि वह कभी भी किसी गलत फैसले की पक्षधर नहीं रही है और न ही भविष्य में होगी। इस अवसर पर अनेक खापों के प्रधान मौजूद थे।