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बिहार में बैंकों की परफॉर्मेंस रैंकिंग जारी: सरकारी बैंक फिसड्डी, जानें कौन सा बैंक रहा टॉप पर

पटना. बिहार में पहली बार बैंकों के प्रदर्शन को 100 अंकों के वैज्ञानिक ''मापन सूचकांक'' पर परखा गया है और इस परीक्षा में सरकारी क्षेत्र के दिग्गज बैंक फेल हो गये हैं. शुक्रवार को विकास आयुक्त मिहिर कुमार सिंह की अध्यक्षता में हुई उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में यह रैंकिंग जारी की गयी. सबसे चिंताजनक बात यह है कि जिन बैंकों के पास बिहार की जनता की सबसे ज्यादा जमा पूंजी है, उन्हीं का साख जमा अनुपात (सीडी रेशिओ) 50% से भी कम है. विकास आयुक्त ने निर्देश दिया कि सभी बैंक, खासकर रेड जोन वाले, मिशन मोड में काम करें.
बैंकों की स्थिति
रैंकिंग में टॉप बैंक: इस रैंकिंग में आइडीएफसी फर्स्ट बैंक (74 अंक), जम्मू एंड कश्मीर बैंक (68), आरबीएल बैंक (68), एचडीएफसी बैंक (65), बैंक ऑफ बड़ौदा (64), उज्जिवन स्मॉल फाइनेंस बैंक 63 अंक के साथ टॉप सूची में शामिल है और ग्रीन जोन में हैं.
रैंकिंग में पिछड़े बैंक: इसके अलावा इंडियन ओवरसीज बैंक (37), सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया (37), यूको बैंक (35), स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (32), केनरा बैंक (27), आइडीबीआइ बैंक (26), बंधन बैंक (26), कोटक महिंद्रा बैंक (26) तथा स्टेट को-ऑपरेटिव बैंक 26 अंक के साथ रेड जोन में हैं.
प्लान बजट से चार गुना वार्षिक साख योजना
वार्षिक साख योजना का लक्ष्य बढ़ाकर ₹4,95,000 करोड़ किया गया, जो राज्य के प्लान बजट करीब ₹1,25,000 करोड़ के प्लान बजट से लगभग चार गुना अधिक है. समीक्षा में ये पाया गया कि सितंबर तिमाही तक 38.25% लक्ष्य पूरा कर लिया गया है. इस दौरान ₹ 1,89,343.52 करोड़ का ऋण वितरित, जो पिछले साल से ₹46,228 करोड़ ज्यादा है. सीडी रेशिओ 60.17% पर स्थिर है, कुल जमा ₹6,49,225 करोड़ तक पहुंची है. वर्तमान में राज्य में कुल जमा राशि बढ़कर ₹6,49,225 करोड़ तथा कुल बकाया साख ₹3,90,655 करोड़ तक पहुंच गयी है. पिछले वर्ष की तुलना में जमा राशि में ₹33,797 करोड़ तथा साख (ऋण प्रवाह) में ₹20,092 करोड़ की स्वस्थ वृद्धि दर्ज की गयी है.
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एमएसएमइ में आगे, कृषि पीछे
समीक्षा के अनुसार, क्षेत्रवार प्रदर्शन में एमएसएमइ ने सबसे अच्छा काम किया है. ₹1,59,632 करोड़ के लक्ष्य में से ₹84,091 करोड़ (52.68%) बांट दिये गये. जबकि कृषि क्षेत्र में ₹1,57,015 करोड़ के लक्ष्य के मुकाबले सिर्फ ₹43,967 करोड़ (28%) ही पहुंच पाया है. कुल प्राथमिकता क्षेत्र में 36.74% लक्ष्य पूरा हुआ है. किसान क्रेडिट कार्ड के तहत 7.37 लाख खातों में ₹8,344 करोड़, पीएम सूर्य घर में 13,911 आवेदनों पर ₹284 करोड़ और पीएम स्वनिधि में 2.17 लाख रेहड़ी-पटरी वालों को ₹2,099 करोड़ का लोन दिया गया है. इसकी रफ्तार तेज करने का निर्देश दिया गया है.
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