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स्टाम्प ड्यूटी चोरी केस में अफसर-बिल्डर को राहत नहीं:₹13.32 करोड़ के मामले में नायडू और चुग की FIR निरस्त कराने की मांग खारिज
13.32 करोड़ रुपए की स्टाम्प ड्यूटी चोरी के मामले में वरिष्ठ जिला पंजीयक अमरेश नायडू, बिल्डर विवेक चुग और उप पंजीयक संजय सिंह को मध्य प्रदेश हाईकोर्ट की इंदौर बेंच से राहत नहीं मिली है। जस्टिस सुबोध अभ्यंकर और जस्टिस जय कुमार पिल्लई की डिवीजन बेंच ने एफआईआर निरस्त करने की मांग वाली याचिकाएं खारिज कर दी हैं। विभाग ने मामले में 5 जुलाई 2025 को इस मामले में एफआईआर दर्ज की थी। इसमें वरिष्ठ जिला पंजीयक अमरेश नायडू, उप पंजीयक संजय सिंह और रियल एस्टेट कारोबारियों विवेक चुग, हितेंद्र मेहता व अजय कुमार जैन को आरोपी बनाया गया था। आरोप है कि डीएलएफ गार्डन सिटी, मांगलिया रोड स्थित जमीन की 9 रजिस्ट्रियों में गाइडलाइन दर कम दर्शाने से शासन को करीब 13 करोड़ 32 लाख 95 हजार रुपए की स्टाम्प ड्यूटी का नुकसान हुआ। 50,800 की जगह 14,200 रुपए प्रति वर्गमीटर की दर का आरोप जांच के अनुसार, डीएलएफ गार्डन सिटी की जमीन की गाइडलाइन दर 50,800 रुपए प्रति वर्गमीटर के बजाय मांगलिया गांव की 14,200 रुपए प्रति वर्गमीटर वाली दर के आधार पर रजिस्ट्रियां कराए जाने का आरोप है। जांच एजेंसी का आरोप है कि इसके लिए स्वीकृत संशोधित लेआउट प्लान में बदलाव कर कॉलोनी का नाम हटाया गया और जमीन का विवरण इस तरह दर्ज किया गया कि कम गाइडलाइन दर लागू हो सके। इससे शासन को राजस्व का नुकसान हुआ। ईओडबल्यू की ओर से एडवोकेट लोकेंद्र जोशी ने पक्ष रखा।